कठुआ जिला के एक गांव में रहने वाली 12 वर्षीय लड़की को दुराचार होने के बाद भी आज तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। पीड़ित लड़की ने फिर से आरोपी लड़के का डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है। दुराचार के बाद लड़की गर्भवती हो गई। अब उसका दो साल का बच्चा भी है। कुंवारी मां बनी लड़की अपने बच्चे के साथ डीएसपी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों के कार्यालय में जाकर न्याय के लिए गुहार लगा चुकी है। मगर न्याय फिर भी नहीं मिला है।
पीड़ित लड़की शनिवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से कहा कि यह घटना दो साल पुरानी। वह घर से जंगल में बकरियां चराने गई थी। इस दौरान एक युवक ने जबरन उसके साथ दुराचार किया। उस समय वह 12 साल की थी। इसके बाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया गया। आरोपी लड़का नगाली तहसील बानी जिला कठुआ के परिजनों ने पुलिस के साथ मिलकर मामले को दबाने का प्रयास किया। इसको लेकर डीएनए टेस्ट हुआ।
झूठी रिपोर्ट को पेश कर मामले को दबाया गया। दुराचार के बाद वह गर्भवती हुई। उसका दो साल का बच्चा भी है। गांव में उसका जीना मुश्किल हो गया है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।
दूसरे दुराचार के मामलों का हवाला देकर थाने से भेज दिया जाता है। पीड़ित लड़की के पिता ने कहा कि वह मामले में जांच के लिए बार-बार पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे। उनका घर और आरोपी का घर कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। उनकी बेटी पढ़ी लिखी नहीं है। ऐसे में धोखे से आरोपी युवक ने दुराचार किया। उन्होंने कहा कि युवक का डीएनए टेस्ट दोबारा से करवाया जाए। प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग उनकी बेटी को न्याय दिलाए।