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कठुआ कांड: बच्ची की उम्र के लिए नहीं हुई डीएनए जांच, क्राइम ब्रांच की चार्जशीट संदेह के घेरे में

Sun, 22 Apr 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कठुआ के रसाना में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और हत्या मामले में क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में शनिवार को तीसरी चार्जशीट पेश की है। क्राइम ब्रांच ने लड़की की उम्र की जांच के लिए कोई डीएनए या अन्य रिपोर्ट किसी भी फोरेंसिक लैब को नहीं भेजी है। श्रीनगर और नई दिल्ली फोरेंसिक लैब में केवल लड़की के गुप्तांग एवं शारीरिक चोट की स्लाइड भेजी गई।

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इन दो रिपोर्ट के बाद क्राइम ब्रांच ने तीसरी चार्जशीट पेश करके जांच को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने एक नाबालिग सहित 8 लोगों के खिलाफ बच्ची को बंधक बनाकर बलात्कार करने और हृदय गति रुकने का सीजेएम कठुआ की अदालत में चालान पेश किया है। क्राइम ब्रांच द्वारा तीन चार्जशीट पेश करने से उसकी जांच संदेह के घेरे में आ गई है। मेडिकल रिपोर्ट पेश करने में आनाकानी के बाद क्राइम ब्रांच को बार काउंसिल आफ इंडिया, जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और सिविल सोसायटी के दबाव में तीसरी चार्ज शीट पेश करनी पड़ी।

क्राइम ब्रांच की तीसरी चार्जशीट में बताया गया कि बच्ची से बलात्कार की धाराएं शामिल की गई हैं। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि बच्ची से बलात्कार हुआ है। उससे शारीरिक तौर पर छेड़खानी हुई है। बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया और उसकी मौत का कारण भूखे रहने से हृदय गति रुकने के कारण हुई। क्राइम ब्रांच ने पहली बार अधिकारिक तौर पर विज्ञप्ति जारी करके बलात्कार करने की पुष्टि की है। इस मामले में सामूहिक बलात्कार नहीं हुआ है, क्राइम ब्रांच ने यह भी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है।

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कठुआ में रेप से मां बनी किशोरी मांग रही इंसाफ

कठुआ जिला के एक गांव में रहने वाली 12 वर्षीय लड़की को दुराचार होने के बाद भी आज तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। पीड़ित लड़की ने फिर से आरोपी लड़के का डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है। दुराचार के बाद लड़की गर्भवती हो गई। अब उसका दो साल का बच्चा भी है। कुंवारी मां बनी लड़की अपने बच्चे के साथ डीएसपी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों के कार्यालय में जाकर न्याय के लिए गुहार लगा चुकी है। मगर न्याय फिर भी नहीं मिला है।

पीड़ित लड़की शनिवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से कहा कि यह घटना दो साल पुरानी। वह घर से जंगल में बकरियां चराने गई थी। इस दौरान एक युवक ने जबरन उसके साथ दुराचार किया। उस समय वह 12 साल की थी। इसके बाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया गया। आरोपी लड़का नगाली तहसील बानी जिला कठुआ के परिजनों ने पुलिस के साथ मिलकर मामले को दबाने का प्रयास किया। इसको लेकर डीएनए टेस्ट हुआ। 

झूठी रिपोर्ट को पेश कर मामले को दबाया गया। दुराचार के बाद वह गर्भवती हुई। उसका दो साल का बच्चा भी है। गांव में उसका जीना मुश्किल हो गया है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। 

दूसरे दुराचार के मामलों का हवाला देकर थाने से भेज दिया जाता है। पीड़ित लड़की के पिता ने कहा कि वह मामले में जांच के लिए बार-बार पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे। उनका घर और आरोपी का घर कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। उनकी बेटी पढ़ी लिखी नहीं है। ऐसे में धोखे से आरोपी युवक ने दुराचार किया। उन्होंने कहा कि युवक का डीएनए टेस्ट दोबारा से करवाया जाए। प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग उनकी बेटी को न्याय दिलाए।
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