कठुआ मामले को लेकर घाटी में सोमवार को भी छात्र हिंसा भड़की। दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इस दौरान लगभग दो दर्जन लोग घायल हुए हैं। इनमें 4-5 पुलिस कर्मी भी हैं। लगभग 70 छात्रों को हिरासत में लिया गया है। छात्राओं के हिंसा में शामिल होने की खबर पर कई वर्षों के बाद सीआरपीएफ महिला बटालियन की तैनाती की गई।
श्रीनगर के रेजीडेंसी रोड, एमए रोड और आस-पास के कुछ इलाकों में कई वर्षों के बाद सीआरपीएफ की महिला बटालियन तैनात दिखी। सुबह के समय कुछ छात्राओं ने स्कूल जाते समय नारेबाजी की तो कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए महिला बटालियन की तैनाती कर दी गई। लेकिन दिन भर इन इलाकों में छात्रों के प्रदर्शन नहीं हुए। सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से छात्राएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। इसके चलते पुलिस की ओर से महिला बटालियन को इलाके में तैनात करने की मांग रखी गई थी। इसी के मद्देनजर महिला बटालियन की तैनाती की गई थी।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में छात्रों ने वहां तैनात जवानों पर पत्थरबाजी की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा। यहां पुलिस की कार्रवाई में तीन छात्र घायल हुए जिनमें से दो को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक छात्र को छाती और हाथों में पेलेट इंजुरी है। इसके अलावा गांदरबल, शोपियां, सोपोर, बारामुला, कुलगाम आदि जिलों में भी छात्रों ने प्रदर्शन किए। इस दौरान भी पुलिस ने बल का प्रयोग किया गया। गांदरबल में झड़पों में दर्जनभर लोग घायल हुए, इनमें 4-5 पुलिसकर्मी भी हैं।
पुलिस के अनुसार बारामुला जिले में करीब 70 छात्रों को हिरासत में लिया है जो पत्थरबाजी में शामिल थे। जिले के एसएसपी इम्तियाज हुसैन ने बताया कि इन छात्रों को काउंसिलिंग के बाद उनके अभिभावकों के हवाले किया जाएगा।