दोमाना। मढ़ के खेल मैदान में 21 कुंडीय गायत्री महाविराट यज्ञ जारी है। चौथे दिन में पीठाधीश्वर संत साहिल महाराज ने हिस्सा लेकर प्रभु की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा हमें जातपात से ऊपर उठकर एक होना चाहिए। हम सबसे पहले हिंदू हैं और परिचय भी हिंदू के रूप में ही देना चाहिए। हमारी पहचान है क्योंकि हम सब सनातनी हैं। भगवान श्री राम ने कभी भी जातपात का भेदभाव नहीं किया है। क्योंकि भगवान राम स्वयं क्षत्रिय कुल में पैदा हुए और भक्त भीलनी के घर जाकर उसके जूठे बेर खाए हैं। अगर भगवान ऐसा करते हैं तो हमें भी उनके ही पदचिह्नों पर चलना चाहिए। इसलिए इन सब चीजों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र की सेवा करें। महाराज ने यह भी कहा कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। ।
गौरतलब रहे कि 23 मार्च से मढ़ के खेल मैदान में 21 कुंडीय गायत्री महाविराट यज्ञ जारी है। प्रतिदिन सुबह 8 से 12 बजे तक हवन का आयोजन किया जाता है। इसके बाद कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक होती है। इसमें कथा वाचक सुरेश शास्त्री पल्ली वाले भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ते हैं। कथा के बाद प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह कथा का 30 मार्च तक जारी रहेगी।