A school student shields herself from the scorching sun with an umbrella in a boat on Dal Lake
- फोटो : बहराइच हाईवे पर लगा जाम।
श्रीनगर। पहलगाम आतंकवादी हमले के चलते कश्मीर के पर्यटन में जो सूखा पड़ने लगा था, वह दूर होने लगा है। हमले के दो माह बाद अब स्थितियां पूरी तरह बदलती दिख रही हैं। पर्यटक आने लगे हैं। अमरनाथ यात्रा ने इसमें सोने पर सुहागा किया है।श्रीनगर के मुगल गार्डन ही नहीं निशात, शालीमार, हारवान, चश्माशाही समेत घाटी के अधिकतर पर्यटन स्थल पर्यटकों से आबाद नजर आने लगे हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग खुश हैं।
फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारियों और मुगल गार्डन के प्रबंधन ने बताया कि यहां पर्यटकों की अच्छी संख्या में वापसी हो रही है खासकर सप्ताहांत में। फ्लोरीकल्चर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, पर्यटक बड़ी संख्या में लौटने लगे हैं और हमारे गार्डन में घटना से पहले के दिनों जैसी ही भीड़ देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर के निशात बाग जैसे बड़े उद्यानों में अच्छी-खासी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। अधिकारी ने कहा, सप्ताहांत में, इन उद्यानों में 5,000 से 8,000 तक पर्यटक आ रहे हैं। यह काफी उत्साहजनक है।
श्रीनगर के कभी शांत रहे बुलेवार्ड रोड और फ़ोरशोर रोड पर भी पर्यटकों की वापसी देखी जा रही है, जहां पर्यटक फिर से शिकारे की सवारी के लिए कतार में लग रहे हैं और कश्मीरी व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। खूबसूरत डल झील के किनारे तस्वीरें खींच रहे हैं। डल झील के पास शिकारा चलाने वाले मोहम्मद रज़ाक ने कहा कि उन्होंने हफ़्तों तक बिना किसी उम्मीद के इंतज़ार किया। अब, नज़ारा अलग है और फिर से चहल-पहल देखने को मिल रही है। झील एक बार फिर से पर्यटकों से गुलज़ार हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द पर्यटन पूरी तरह से वापस लौटेगा।
फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वह उद्यान के बुनियादी ढांचे, मौसमी फूलों की क्यारियों और फव्वारों का रखरखाव कर रहे हैं। मुगल गार्डन के एक अधिकारी जावेद अहमद ने कहा, हम इस गार्डन को हर पर्यटक के कश्मीर भ्रमण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे भय और अनिश्चितता के बाद यह राहत और आशा दोनों लेकर आया है। ग्रीष्मकालीन पर्यटन में तेज़ी के साथ, अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले हफ़्तों में संख्या में वृद्धि जारी रहेगी।