श्रीनगर। शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के लोग 2014 में शुरू हुई भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के दौरान लिए गए फैसलों के परिणाम आज भी भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा मिलने पर अक्सर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का नाम लेते थे, वे अब जब लोग मुसीबत में हैं, चुप हैं।
शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू शुक्रवार को श्रीनगर के हजरतबल में पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहीं थीं। उन्होंने कहा कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस यहां सिर्फ़ बोलने के लिए नहीं है। उन्हें जनता ने ज़िम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा, हम अपने लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं। चाहे वह ज़मीन, रोज़गार, राज्य का दर्जा या विशेष दर्जा हो। यह हमारा कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि वर्षों से हुए नुकसान की भरपाई रातोंरात नहीं हो जाएगी, लेकिन पार्टी इससे निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। इत्तू ने कहा जिन लोगों ने हमें इस मुकाम तक पहुंचाया, उनके पास अब देने के लिए कुछ भी सार्थक नहीं है। लोग पहले ही उनसे दूर हो चुके हैं। यहां तक कि उनके अपने नेता भी जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए।