आतंकवादियों और अलगाववादियों को मतदाताओं ने बंपर वोटिंग कर क्लीन बोल्ड कर दिया है। तमाम धमकियों और मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए हाल ही के दिनों में की गई वारदातें मतदाताओं का उत्साह कम करने के बजाय बढ़ा गई। कई मतदान केंद्रों में लंबी लंबी लाइनों के बावजूद लोग आराम से अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए।
कश्मीर घाटी की नौ विधानसभा सीटों में से करनाह में 75 फीसदी, कुपवाड़ा में 62 फीसदी, लोलाब में 55 फीसदी, हंदवाड़ा में 71 फीसदी, लंगेट में 71.64, नूराबाद में 77.60, कुलगाम में 55.44 , होमशालीबग में 36.50 और देवसर विधानसभा सीट के लिए 60.03 फीसदी वोट पड़े।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि मतदाताओं का भारी मतदान करना जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। जो लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध कर रहे थे उन्हें स्पष्ट संदेश मिल गया है।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज का कहना है कि मतदाताओं का भारी उत्साह के साथ मतदान करना लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। इस ताकत के आगे अलगाववादी पस्त हो गए हैं। पीडीपी अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने भी पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी भारी मतदान को लोकतंत्र की मजबूती के लिए अच्छा संकेत बताया है।