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आईएस में शामिल कश्मीरी युवक की वापसी की गुहार, आतंकी का परिवार प्रधानमंत्री से कर रहा है अपील

Thu, 30 May 2019 05:02 AM IST
देव कश्यप अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
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सांकेतिक तस्वीर
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श्रीनगर के जवाहर नगर का रहने वाला आदिल अहमद वडा पहला कश्मीरी आईएसआईएस आतंकी है, जिसका परिवार उसे वापस लाने में मदद की गुहार प्रधानमंत्री से लगा रहा है। आदिल इसी साल मार्च में सीरिया में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। 

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आदिल के पिता फय्याज अहमद वडा ने बताया कि उनके बेटे ने मार्च में उन्हें एक वॉइस नोट भेजा कि सीरिया में अमेरिकी सेना ने उन्हें घेर लिया है और सरेंडर करने को कह रही है। 25 मार्च को वॉइस नोट में आदिल ने कहा- ‘मैं वापस लौटना चाहता हूं, और अमेरिकी सेना ने हमें बताया है कि यदि हम आत्मसमर्पण करते हैं तो हमें अपने देश भेज देगी। हमने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है।’ 

बता दें कि आदिल ऑस्ट्रेलिया की क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी से एमबीए था। वह वर्ष 2013 में आईएसआईएस में शामिल हो गया था। उसने अपने परिवार को गलत सूचना दी थी कि ऑस्ट्रेलिया, कतर और दुबई में नौकरी खोजने के लिए संघर्ष करने के बाद उसे तुर्की के एक एनजीओ में नौकरी मिल गई है। लेकिन एनआईए के सूत्रों की मानें तो उन्हें लगता है कि आदिल ने तुर्की से जॉर्डन की यात्रा की और आखिरकार अल नुसरा फ्रंट में शामिल होने के लिए सीरिया पहुंचा। 
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परिवार के अनुसार आदिल ने एक डच नागरिक से शादी की और उसका एक पांच साल का बेटा था जो भुखमरी के कारण लड़ाई के दौरान मर गया। उसकी पत्नी एक रिफ्यूजी कैंप में ब्रिटिश मूल की महिला शमीमा बेगम के साथ है जो फरवरी 2015 में ब्रिटेन छोड़कर सीरिया में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत में शामिल हुई थी। यह बताया गया कि शुरू में उसने एनजीओ की नौकरी बताकर धोखे में रखा। 2013 में परिवार को शक हुआ। परिवार के मुताबिक आदिल पहले ही घर लौटना चाहता था, लेकिन उसका पासपोर्ट उसके पास नहीं था। वह आईएसआईएस वालों ने पहले ही छीन लिया था।

आदिल की मां का रो-रोकर बुहा हाल
बता दें कि आदिल की मां का रो रोकर बुरा हाल है। वह किसी भी तरीके से अपने बेटे को वापस लाने के लिए मदद की गुहार लगा रही है। मां का कहना है कि उसकी खबर मिलने के बाद से उन्होंने कई एजेंसियों को उसकी रिहाई के लिए लिखा। स्थानीय पुलिस से भी संपर्क साधा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि उन्हें उनका बेटा लौटाकर दें।

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