16 अक्तूबर को आतंकियों की गोलियों से घायल पंजाब के सेब व्यापारी की एक कश्मीरी युवक अस्पताल में लगातार सेवा कर रहा है। शोपियां के रहने वाले युवक परवेज ने कश्मीरियत और इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश की है। व्यापारी के परिवार वाले परवेज को मसीहा से कम नहीं मानते। पीड़ित परिवार ने कहा कि हर कश्मीरी उनके साथ अच्छे से पेश आते हैं। कुछ शरारती तत्वों की वजह से कश्मीरी बदनाम होते हैं।
बता दें कि आतंकवाद ग्रस्त शोपियां जिले में 16 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े सात बजे आतंकियों ने पंजाब के दो सेब व्यापारियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला बरसा दी थी, जिसमें एक चरणजीत सिंह की मौत हो गई थी जबकि दूसरा संजय चराया गंभीर रूप से घायल हो गया था। फिलहाल वह श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल में जिंदगी और मौत की बीच जंग लड़ रहा है। घायल संजय की पहले दिन से ही अस्पताल में कश्मीरी स्थानीय युवक परवेज लगातार देखरेख कर रहा है।
परवेज ने बताया कि वह संजय को दो साल से जानता है, लेकिन उनके परिवार वालों के बीच व्यावसायिक संबंध करीब आठ साल से है। संजय उसके लिए केवल दोस्त ही नहीं, भाई से बढ़कर है। उसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार है। परवेज के अनुसार जब संजय को गोली मारी गई, उसके करीब 10 मिनट बाद तक उसे किसी ने नहीं उठाया। बाद में दो स्थानीय युवकों ने उसे नजदीक के अस्पताल पहुंचाया।
वहीं संजय के जीजा रिशु ने बताया कि जिस दिन संजय घायल हुआ, उसके अगले दिन वह कश्मीर पहुंच चुके था। उसने बताया कि संजय के घायल होने से लेकर अभी तक परवेज उसकी मदद कर रहा है। वह अस्पताल से अपने घर तक नहीं गया है। रिशु ने बताया कि परवेज उनके लिए किसी मसीहा से कम नहीं है। उसकी इस मदद के चलते हमारा भरोसा कश्मीरियों पर और ज्यादा बढ़ गया है। उसने यह भी कहा कि न केवल परवेज, बल्कि हर कश्मीरी उनके साथ अच्छे से पेश आ रहे हैं। कुछ शरारती तत्वों की वजह से कश्मीरियों को गलत समझा जाता रहा है। संजय के परिवार वालों ने बताया कि परवेज का शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द नहीं हैं।