फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं आपका लाड़ला हीरोइन तो नहीं लेता?

विज्ञापन
विज्ञापन
रियासत में नशे के लिए शराब और सिगरेट के बाद हीरोइन और ब्राउन शुगर लेने का चलन बढ़ रहा है। युवाओं में दोनों नशों को निडिल और सूंघने के जरिए ड्रग्स को शरीर के अंदर पहुंचाना पहली पसंद बन रहा है। इस नशे की लत में युवतियां भी शामिल हैं। अमीर घरों के लाडले इस नशे के ज्यादा शौकीन बन रहे हैं।
विज्ञापन

 
हीरोइन और ब्राउन शुगर को निडिल और ड्रग्स को जलाकर सूंघने के माध्यम से लिया जा रहा है। इसमें पानी में मिलाकर इस ड्रग्स को इंजेक्शन के जरिये शरीर में पहुंचाया जाता है। इसके बाद शारीरिक गतिविधियां सुस्त पड़ जाती हैं। नशेड़ी को आसपास के वातावरण की कोई परवाह नहीं रहती है।

इंजेक्शन के जरिये ड्रग्स से एचआईवी का खतरा बढ़ा है। इस ड्रग्स की चपेट में 16-25 साल के युवा ज्यादा चपेट में हैं। पहले ये ड्रग्स 3-4 हजार रुपये की कीमत में रोजाना ली जाती है। लेकिन डोज बढ़ाने पर इसकी कीमत माह में एक लाख रुपये से ज्यादा पहुंच जाती है।
विज्ञापन


इस ड्रग्स का आदी होने के बाद इसे छोड़ने की सूरत में नशेड़ी की शारीरिक और मानसिक हालत काफी खराब हो जाती है। अमूमन ऐसे लोगों के फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। डोज न लेने पर शरीर में दर्द, शरीर का टूटना, नाक और मुंह से पानी आना, कमजोरी महसूस करना आदि समस्या होती है।
विज्ञापन

कहीं ऐसी आदतों का तो श‌िकार तो नहीं है आपका लाड़ला

लक्षण
-सो कर देरी से का उठना
-परिवार से दूरी बनाना
- व्यवहार में बदलाव आना
- बाथरूम में सिरिंज आदि मिलना
- सामान्य से कम खाना खाना

बचाव
-बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें
-उन्हें ज्यादा अकेला न छोड़ें
-नशे से जुड़ी चीजों की मांग को गंभीरता से लें

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें