सीआरपीएफ के अनुसार कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा युवाओं को गुमराह कर आतंकी बनने पर मजबूर किया जाता है। उनके अनुसार स्थिति नियंत्रण में है। जल्द आतंकी घटनाओं में और कमी देखने को मिलेगी।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए सीआरपीएफ के डीआईजी श्रीनगर (नार्थ) संजीव ढूंडिया ने कहा कि आतंकवाद में जो युवा शामिल हो रहे हैं, उसके पीछे हमें लगता है कि कुछ अलगाववादी नेताओं का हाथ है, जो इन युवाओं को गुमराह कर आतंकवाद में शामिल होने के लिए मजबूर करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि जल्द वह युवा जो आतंकवादी बने हैं, इस राह को छोड़कर मुख्य धारा में लौटेंगे। वहीं आतंकवाद में बढ़ोतरी पर ढूंडिया ने कहा कि आतंकवाद में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। चंद घटनाओं को छोड़कर स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस एकजुट होकर काम कर रही है।
यह पूछे जाने पर कि पिछले कुछ महीनों में जो आतंकी हमले हुए हैं, उन्हें विदेशी आतंकियों ने ही क्यों अंजाम दिया। इस पर सीआरपीएफ के डीआईजी ने कहा कि हम इस मामले पर गौर कर रहे हैं और जल्द इसका कोई हल निकाला जाएगा। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि जल्द आतंकी गतिविधियों में और कमी देखने को मिलेगी।