कश्मीर के केसर को लेकर एक अच्छी खबर है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। कश्मीरी केसर का जियोग्राफिक इंडिकेशन रजिस्ट्रेशन स्वीकार कर लिया गया है।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार फारूक अहमद खान मे इसे बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कश्मीर के केसर को पहचान मिलेगी।
बता दें कि कश्मीर का केसर दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कश्मीर के पंपूर में और जम्मू के किश्तवाड़ में केसर की खेती की जाती है। यहां का केसर खरीदने के लिए लोगों को खासी रकम खर्च करनी पड़ती है।
कश्मीर में केसर की खेती करने वाले लोगों की मानें तो केसर की खेती करने का चलन लगभग 2000 साल पुराना है। साथ ही खेती करने के तौर-तरीके से लेकर केसर उगाने का हर तरीका पुराना है।