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कश्मीरी केसर को मिला जीआई प्रमाण पत्र, अब दुनिया में होगी पहचान, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

Sun, 26 Jul 2020 12:43 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
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कश्मीरी केसर - फोटो : अमर उजाला
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देश और दुनिया में अब लोगों को गुणवत्ता युक्त कश्मीरी केसर मिल सकेगा। भारत सरकार ने कश्मीर घाटी में उगाए गए केसर के लिए जीआई पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया है। 

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एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा कि कश्मीर घाटी में उत्पादित केसर को प्रमाणीकरण के साथ दुनिया के नक्शे पर रखने के लिए यह पहला बड़ा कदम है।

जीआई टैग के साथ कश्मीर केसर निर्यात बाजार में अधिक मूल्य किसानों को मिल सकेगा। साथ ही देश दुनिया में केसर का नाम होगा। जीआई प्रमाणीकरण के लिए निदेशक ने कश्मीर की प्रशंसा करते हुए कहा कि कश्मीरी केसर की प्राचीन पहचान को बहाल करना सरकारों की प्राथमिकता है। अगले महीने स्टेट ऑफ आर्ट स्पाइस पार्क के काम को पूरा कर लिया जाएगा।

मिलावट को भी रोकेगा जीआई प्रमाण पत्र
कृषि उत्पादन विभाग के प्रमुख सचिव नवीन के चौधरी ने बताया कि जीआई प्रमाण पत्र से कश्मीरा केसर को नई पहचान मिलेगी। जीआई प्रमाणीकरण कश्मीरी केसर में प्रचलित मिलावट को भी रोक देगा और इस तरह से प्रमाणित केसर बहुत बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेगा। 
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चौधरी ने कहा कि 1600 मीटर की ऊंचाई पर केसर को उगाया जाता है। यह अपने रंग, उच्च सुगंध, कड़वा स्वाद, रासायनिक मुक्त प्रसंस्करण के साथ उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है। 

पंपोर में स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम के पूरा होने और स्टेट ऑफ आर्ट केसर स्पाइस पार्क के उद्घाटन के साथ केसर से जुड़ी आबादी उत्पादन से लेकर विपणन तक के परिवर्तन को देख सकेगी।

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