कश्मीरी पंडितों का कहना है कि सरकार की ओर से मारे गए लोगों की संख्या और मंदिरों की संख्या कम बताई गई है। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू का कहना है कि सरकार ने कोर्ट में एक मामले में रिपोर्ट दी है कि 457 मंदिर घाटी में हैं। उनकी संस्था की ओर से कराए गए सर्वे में 1845 मंदिर, आश्रम, नाग व कुएं की बात सामने आई है। साथ ही 342 श्मशान भूमि का पता चला है जिनमें से अधिकांश पर कब्जा हो गया है। उनका कहना है कि घाटी में अब भी कश्मीरी पंडितों समेत 808 हिंदू परिवार 245 जगहों पर रहते हैं। पूरी घाटी में 17 हजार सिख परिवार हैं। कश्मीरी पंडितों के 700 परिवारों के पास अपना मकान है, जबकि अन्य किराए पर रह रहे हैं। वे कहते हैं कि 1992 में बाबरी विध्वंस और 1995 में चरार ए शरीफ घटनाक्रम के दौरान मंदिरों को नुकसान पहुंचानेे की घटनाएं अधिक हुईं।