श्रीनगर लोकसभा सीट के उपचुनाव में उम्मीदवारों की जीत हार में कश्मीरी पंडित विस्थापित मतदाता अहम भूमिका निभाएंगे। श्रीनगर लोकसभा सीट पर करीब 35 हजार कश्मीरी पंडित विस्थापित मतदाता है।
अगर अलगाववादियों की चुनाव बहिष्कार का असर हुआ और मतदान कम फीसदी रहा तो ऐसे में कश्मीरी पंडित विस्थापित मतदाताओं के वोट उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने में निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं।
मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु के अनुसार श्रीनगर लोकसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 12.50 है। इनमें से करीब 35 हजार कश्मीरी पंडित विस्थापित मतदाताओं की संख्या है। सूत्रों के अनुसार चुनाव प्रचार के गति पकड़ने के साथ साथ सियासी दलों के उम्मीदवार कश्मीरी पंडित विस्थापितों के पास भी लुभावने वादे लेकर पहुंचेंगे।
चुनाव विभाग भी जम्मू में अलग से कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए मतदान केंद्रों को स्थापित करेगा ताकि मतदान करने में विस्थापितों को कोई परेशानी न हो।
पिछले लोकसभा चुनाव में पीडीपी के उम्मीदवार तारिक हमीद कर्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला को हराया था। कर्रा को 1,57,923 वोट हासिल हुए थे जबकि डा. फारूक अब्दुल्ला को 1,15,643 वोट हासिल हुए थे। पिछले चुनाव में कश्मीरी पंडित विस्थापितों ने मतदान में काफी उत्साह दिखाया था।