जम्मू-कश्मीर में शनिवार को दूसरा हिमस्खलन जोजिला सुरंग के पास सरबल सोनमर्ग क्षेत्र में मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की एक कार्यशाला में आया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। जोजिला टनल के बाद जेड मोर टनल का काम भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। बता दें कि दो दिन पहले हिमस्खलन की वजह से किश्तवाड़ के दो मजदूर उसी जगह दफन हो गए थे।
इस बीच, प्रांतीय प्रशासन ने गांदरबल जिले में भारी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के 12 जिलों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की जा चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि सरबल इलाके में हिमस्खलन हुआ, जिससे एमईआईएल द्वारा पूरी की जा रही सुरंग परियोजना के पास एक कार्यशाला क्षतिग्रस्त हो गई।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस बीच मजदूरों की जान बचाने के लिए मेगा इंजीनियरिंग कंपनी के 174 मजदूरों को रविवार को इस स्थान पर एसडीआरएफ, सेना और पुलिस द्वारा हिमस्खलन के शांत होने तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
कंपनी की रिस्क टीम से जुड़े एक कर्मचारी मुश्ताक अहमद ने कहा कि शनिवार के हिमस्खलन की वजह से वर्कशॉप को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, ''हम पहले ही कुछ मजदूरों को वहां से हटा चुके थे, लेकिन रविवार को सेना और पुलिस की मदद से और मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि हिमस्खलन के कारण हम उनके दो साथी कर्मियों को पहले ही खो चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों में इस क्षेत्र में हिमस्खलन की यह दूसरी घटना है। 12 जनवरी को परियोजना स्थल के पास हिमस्खलन में दो मजदूरों की मौत हो गई थी। ताजा घटना शनिवार शाम 5:30 बजे हुई। इससे कोहराम मच गया। दो दिनों में दो घटनाएं होने के बाद 6.5 किमी लंबी ज़मोर सुरंग के बाहर भी काम रोक दिया गया है।