- केयू ने 100वीं सिंडिकेट और फाइनेंस कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय लिए
- वीसी प्रो. नीलोफर की अध्यक्षता में अधिकारियों और शिक्षकों के पदोन्नति व नई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) की 100वीं सिंडिकेट और फाइनेंस कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय लिए गए। तय हुआ कि विश्वविद्यालय के कुपवाड़ा परिसर में नर्सिंग और पैरामेडिकल विज्ञान संस्थान की स्थापना की जाएगी।
मास कम्युनिकेशन, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अप्लाइड जियोलॉजी, टूरिज्म और ट्रैवल मैनेजमेंट, होम साइंस, फारसी, भाषा विज्ञान और कश्मीरी में पांच वर्षीय एकीकृत मास्टर कार्यक्रम (एफवाई-आईएमपी) शुरू किया जाएगा।
बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों की जानकारी देते हुए केयू की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने बताया कि विश्वविद्यालय के शताब्दी विजन-2047 के अनुरूप सभी उप-परिसरों के लिए दृष्टिकोण योजनाओं के निर्माण के लिए उच्च-स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा। ये योजनाएं शैक्षणिक विस्तार, अनुसंधान उत्कृष्टता, सतत बुनियादी ढांचे का निर्माण, ऊर्जा संरक्षण और रोजगार सृजन के लिए एक रोडमैप के रूप में काम करेंगी।
इससे पूर्व प्रो. नीलोफर खान ने बैठक मेंं मौजूद सदस्यों को विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। जिसमें नैक ए++ मान्यता, राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों (एसपीयू) में 8वां स्थान और एनआईआरएफ रैंकिंग-2025 में सभी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 34वां स्थान हासिल करना शामिल है। उन्होंने पिछले एक साल में छात्र केंद्रित सुधारों को बढ़ावा देने, ई-गवर्नेंस को मजबूत करने और एक गतिशील शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों का भी उल्लेख किया।
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बैठक में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णय
· ओडीएल मोड के माध्यम से क्रिमिनल जस्टिस में डिप्लोमा।
· विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए एक नीति तंत्र को अपनाने पर सहमति।
· कर्मचारियों के लिए फैकल्टी की नियुक्ति, अधिकारियों और शिक्षकों के पदोन्नति और नई कल्याण योजनाओं को मंजूरी दी गई।
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बैठक में शामिल हुए शिक्षाविद
सिंडिकेट और फाइनेंस कमेटी की बैठक में कई जाने-माने शिक्षाविद और प्रशासक शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शांतमनु, जम्मू-कश्मीर वित्त विभाग के मुख्य सचिव संतोष डी वैद्य, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. देवेश के सिन्हा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. रैचा तंवर, जम्मू विश्वविद्यालय से प्रो. राजीव रतन, केयू के प्रो. अनीसा शाफी, प्रो. परवेज अहमद, प्रो. एजाज मोहम्मद शेख, प्रिंसिपल जीएमसी श्रीनगर प्रो. इफ्फत हसन शाह, जीडीसी नौवाकदल के प्रिंसिपल प्रो. हुदा गलजई, प्रो. नसीर इकबाल और विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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