जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के हेरपोरा गांव के सरपंच एजाज को आतंकियों की ओर से धमकी दिए जाने के मामले में पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। एजाज भाजपा से जुड़े हुए हैं। इस वजह से भाजपा ने इस मुद्दे को एलजी प्रशासन के समक्ष उठाते हुए पंच-सरपंचों की सुरक्षा को यकीनी बनाने को कहा है।
एजाज ने बताया कि शुक्रवार की देर रात लगभग सवा 12 बजे चार-पांच आतंकी घर पर आए थे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर उन्होंने देखा कि हथियारों से लैस आतंकी थे। उन्होंने एजाज के बारे में पूछा तो माजरा भांपते हुए उसने अपने बारे में जानकारी नहीं दी। खुद को एजाज का भाई बताते हुए आतंकियों से कहा कि वह घर पर नहीं है। इसी दौरान मां सोलर लैंप लेकर पहुंच गईं।
उन्होंने तल्ख लहजे में बात की तो आतंकियों ने बट से उनकी कमर पर वार कर दिया। इससे वह गिर पड़ी। इसके बाद आतंकियों ने मुझे चार-पांच चांटे मारते हुए चेताया कि एजाज जब लौटे तो उससे कह दे कि चार दिन के अंदर वह सरपंच पद से इस्तीफा दे दे। यदि उसने इस्तीफा नहीं दिया तो फिर आएंगे और अंजाम बुरा होगा। एजाज की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में भाजपा के प्रदेश महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने बताया कि उप राज्यपाल जीसी मुर्मू के समक्ष यह मामला उठाया गया है। उनसे पंचों व सरपंचों तथा उनके परिवार वालों की सुरक्षा के बाबत बात की गई है। कहा गया है कि वे इस संबंध में आवश्यक इंतजाम करें ताकि ग्रामीण इलाकों में पंच-सरपंच बेखौफ होकर विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।