आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने रविवार को श्रीनगर के आठ गांवों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। दस घंटे से भी अधिक समय तक चले अभियान में घर-घर की तलाशी ली गई। इस बीच पुलवामा में तलाशी एवं घेरेबंदी (कासो) के दौरान युवाओं ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर भारी पथराव किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इससे काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
श्रीनगर के बाहरी इलाके संगम तथा आसपास के इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सेना, सीआरपीएफ तथा एसओजी ने घेराबंदी की। यह घेराबंदी आसपास के आठ गांवों में रही। गांवों के सभी इंट्री व एक्जिट प्वाइंट को सील कर दिया गया था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने घर-घर तलाशी ली। शाम पांच बजे तक लगभग 10 घंटे चले अभियान में हालांकि कोई संदिग्ध हत्थे नहीं चढ़ा। इसके बाद अभियान रोक दिया गया।
इस बीच पुलवामा जिले के करीमाबाद में आतंकियों की मूवमेंट की सूचना पर सुरक्षा बलों ने नाका लगा रखा था। वहां से गुजरने वालों की चेकिंग की जा रही थी। इस बीच युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जवानों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। शुरू में तो सुरक्षा बलों ने संयम बरता लेकिन जब पत्थरबाजी नहीं रुकी तो उन्होंने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। काफी देर तक युवाओं व सुरक्षा बलों में झड़पें चलती रहीं।