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सिंगला हाउस डकैती: भरोसेमंद निकला डकैत, मालिक-कुत्तों और नौकरों के खाने में मिलाई थी नींद की दवा

Thu, 24 Jun 2021 03:28 PM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू

सार

30 जनवरी, 2021 को पुलिस कंट्रोल रूम में सुबह 5:30 बजे जानकारी दी गई कि त्रिकुटा नगर के सिंघला हाउस में डकैती हो रही है। इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम ने त्रिकुटा नगर पुलिस को दी। जब तक त्रिकुटा नगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तब तक डकैती करने वाले फरार हो गए थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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कश्मीर स्टील इंडस्ट्री के मालिक तरुण सिंघला के हाउस में डकैती की वारदात को अंजाम देने वाला उनके घर का भरोसेमंद नौकर ही निकला। इसी साल जनवरी में इस वारदात को अंजाम देने का सारा तानाबाना बुनने वाला सिंघला हाउस का नौकर इब्राहिम सद्धिकी था। जिसने मुंबई जाकर पूरा प्लान बनाया। अपने साथ छह लोगों को जोड़ा और पुलिस को जम्मू से लेकर मुंबई तक तीन महीने दौड़ाया। कुछ दिन पहले ही इस पूरे मामले की जांच कर पुलिस ने चालान पेश किया। इसमें यह खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी घर का नौकर ही था। 

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इब्राहिम ने ऐसे बनाई योजना
उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला इब्राहिम सद्धिकी तरुण सिंघला के घर पर डेढ़ साल से नौकर था। यहां आने से पहले दो महीने इब्राहिम मुंबई में रहा। घर में रखे करोड़ों रुपये के गहने और नकदी को इब्राहिम ने लूटने की योजना बनाई। इसके लिए वह मुंबई गया और अपने दो दोस्तों से मिला। उनके साथ योजना बनाकर वापस आ गया। 20 जनवरी को सिंघला परिवार का बेटा और दो बहुएं अपने बच्चों के साथ गोवा चले गए। इसी दौरान इब्राहिम ने अपने दोस्तों को घर में डकैती के लिए बुलाया। यह भी कहा कि अपने साथ पिस्टल लेकर आएं, क्योंकि डकैती के वक्त कुछ भी हो सकता है। पिस्टल लेने के लिए इब्राहिम के मुंबई में रहने वाले दो दोस्त अनीस शेख और शाह आलम कानपुर गए। यहां उनको पिस्टल नहीं मिली।

इसी बीच इब्राहम को सिंघला हाउस से जर्मन की पिस्टल मिली और उसने अपने दोस्तों को कहा कि वह जम्मू आ जाएं। वे दोनों जम्मू पहुंच गए। 28 जनवरी को ये लोग जम्मू पहुंचे और प्रीत नगर जम्मू में रहने वाले सफर अंसारी निवासी किशनगंज बिहार के पास रुक गए। अंसारी भी इब्राहिम का जानने वाला था। 29 जनवरी को अनीस और शाह आलम शाम को सिंघला हाउस के बाहर आए और पूरी रेकी करके चले गए।
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उसी शाम इब्राहिम ने घर में कुत्ते की देेखभाल के लिए लगाए रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रहने वाले रोशन लाल को कहा कि उसे एक काम करना है। इसके लिए उसे एक लाख रुपये देगा। रोशन ने बात मान ली। इब्राहिम ने रोशन को पिस्टल और 20 कारतूस दिए और कहा कि जब शाम को घर के बाहर कुत्ते को लेकर जाएगा तो उसे बाहर एक लड़का मिलेगा जो 786 कोड बताएगा। उसको पिस्टल दे देना और उससे एक लिफाफा ले आना। रोशन पिस्टल देकर और लिफाफा लेकर आ गया। 
 

लिफाफे में थी नींद की गोलियां

इब्राहिम ने लिफाफे से नींद की गोलियां निकालीं और इनको रसोई में जाकर पीस लिया। इसकी 10 पुड़ियां बना लीं। सभी पुड़ियों को एक एक करके कुत्तों की देखभाल करने वाले रोशन और दो अन्य नौकरों के खाने में मिला दिया। घर के बुजुर्ग दंपती को पुड़ियां नहीं दी, क्योंकि वह पहले ही नींद की गोली लेकर सोते थे। घर में मौजूद चालक को भी पुड़ियां नहीं दी, क्योंकि वह बाहर गया हुआ था और देर रात को वापस आया। 

30 जनवरी की सुबह तीन बजे वारदात 
सबको नींद की गोलियां देने के बाद इब्राहिम ने अपने तीन साथियों अनीस, शाह आलम और सफर अंसारी को बुला लिया। प्लान के मुताबिक तीनों घर में घुसे और इब्राहिम को पीटा, ताकि उस पर किसी को शक न हो। अंदर घुसते ही अनीस ने पिस्टल को बुजुर्ग महिला की कनपट्टी पर रख दिया और बाकी के दो लोग गहने और नकदी ढूंढने लग पड़े। इसी बीच महिला का हाथ कमरे में लगी घंटी पर चला गया। यह घंटी घर के चालक के कमरे में थी। जैसे ही घंटी बजी तो चालक अंदर महिला के कमरे की तरफ बढ़ा। आगे देखा कि एक लड़का पिस्टल लेकर खड़ा है। चालक ने पिस्टल वाले लड़के को पकड़ने की कोशिश की। जब शोर मचा तो वह अपने अन्य दो साथियों के साथ फरार हो गए। 

 

इब्राहिम ने घायल होकर किया ड्रामा

जब पुलिस पहुंची तो इब्राहिम ने कहा कि उसने डकैतों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसे पीटकर चले गए। वारदात के बाद भी इब्राहिम यहीं पर रहा। घर के लोगों का विश्वास जीतने के लिए इब्राहिम ने मालिकों द्वारा दिया गया मोबाइल फोन भी प्लान बनाने से पहले तोड़ दिया। अपने साथियों को घर में रहने वाले एक अन्य नौकर का नंबर दे दिया, ताकि सबको लगे कि वह तो किसी से बात ही नहीं करता। इसी नंबर वह इब्राहिम की पूरे प्लान पर बात होती थी। यही नहीं, एक आरोपी को इब्राहिम घर में 12 दिन के लिए नौकर भी रखवाया, ताकि वह रेकी कर सके। 12 दिन रहने के बाद वह चला गया। इब्राहिम ने अपने दोस्तों से कहा था कि घर से कम से कम सबा करोड़ रुपये का सामान मिलेगा। हमें 20 से 25 लाख प्रत्येक को आ जाएंगे। 

 
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पिस्टल और कारतूस रखने वाले गिरफ्तार

वारदात के वक्त फरार होने वाले तीन आरोपियों में शामिल सफर अंसारी ने पिस्टल को विजय सिंह निवासी संजय नगर को दे दिया। जबकि विजय ने इसके 20 कारतूस अपने दोस्त नानक नगर के रहने वाले मनमिदंर सिंह को दे दिए। वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में अंसारी के अलावा मुंबई के रहने वाले अनीस और शाह आलम भी थे। 

यह हैं सात आरोपी
इब्राहिम सद्धिकी : घर का नौकर
अनीस शेख, शाह आलम और सफर अंसारी : डकैती करने आने वाले
रोशन लाल : घर के कुत्तों की देखभाल करने वाला और पिस्टल बाहर देने वाला
विजय सिंह और मनमिंदर सिंह : पिस्टल और कारतूस रखने वाले
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