घाटी में पत्थरबाजी तथा हिंसा के बने हालात ने अमरनाथ यात्रा के लिए चुनौती उत्पन्न कर दी है। राज्य सरकार ने भी माना है कि अमरनाथ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना चुनौती है। हालात पर सरकार की पूरी नजर है और इसी के मद्देनजर तैयारियां की जा रही हैं। घाटी में पत्थरबाजों और उपद्रवियों से सख्ती से निबटा जाएगा, ताकि अमरनाथ यात्री यहां निर्भीक होकर भोले बाबा के दर्शन को आ सकें।
रियासत के डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने अमर उजाला से कहा कि घाटी में बने हालात अमरनाथ यात्रा के लिए चुनौती बन गए हैं। पाकिस्तान घाटी में माहौल बिगाड़ने के लिए लोगों को भड़का रहा है। इसके लिए वह हर तरह की कोशिशें कर रहा है।
पर्यटन का सीजन है। अमरनाथ यात्रियों से सैकड़ों घोड़े, खच्चर वालों तथा अन्य लोगों की आजीविका चलती है। राज्य सरकार किसी भी कीमत पर यात्रा में बाधा नहीं आने देगी। यात्री ज्यादा से ज्यादा संख्या में आएं, इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
यात्रा सकुशल संपन्न कराने की तैयारियां जारी
अमरनाथ यात्रा
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सुरक्षा एजेंसियां भी यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए रणनीति बनाने में जुटी हैं। इसके लिए समीक्षा बैठकें भी चल रही हैं। केंद्र सरकार ने अमरनाथ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने में हर प्रकार के सहयोग का भरोसा दिलाया है। माहौल को बिगाड़ने वालों के साथ सख्ती से निबटा जाएगा। उपद्रवियों तथा पत्थरबाजों को किसी प्रकार की छूट नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ के दर्शन को देशभर से आने वाले प्रत्येक यात्रियों को राज्य सरकार सुरक्षा मुहैया कराएगी। यात्रियों को निर्भीक होकर बाबा के दर्शन को आना चाहिए।
'पत्थरबाजों को अभिभावक समझाएं'
उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह
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डिप्टी सीएम ने कहा कि घाटी में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को कानून के दायरे में ही पत्थरबाजी तथा उपद्रवियों से निबटना चाहिए। इसके लिए वे अधिकतम सीमा तक संयम भी बरत रहे हैं। अफस्पा भी कानून का कवर ही है। उन्होंने कहा कि बार-बार सुरक्षा एजेंसियों से संयम बरतने को कहा जाता है, जिसका वे पालन भी कर रहे हैं, लेकिन पत्थरबाजों को भी उनके अभिभावकों को समझाना चाहिए कि वे इस प्रकार की घटनाओं से दूर रहें।