छात्रों को संबोधित करतीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के दिल में एक तकलीफ है जिसका सबको मिलजुलकर त्वरित इलाज करना होगा ताकि यहां के युवा पुष्पित हों और रियासत के विकास में योगदान दे सकें। वे यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित रैली को संबोधित कर रहीं थीं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार किसी रैली को संबोधित कर रहीं महबूबा ने कहा कि आज मुस्लिम देशों पाकिस्तान, सीरिया और लीबिया में अशांति है। पाकिस्तान सरकार अपने ही लोगों की बंदूकों से लड़ रही है। शिया-सुन्नी आपस में कत्लेआम कर रहे हैं। अपने देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सब मिलकर रह रहे हैं। आपसी सौहार्द्र तथा भाईचारा कायम है। ऐसे राष्ट्र में रहने पर गर्व है।
उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा तथा कुपवाड़ा में हाल की हिंसा की घटनाओं में पांच लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद से रियासत में अमन शांति बहाल की जा सकती है। कहा कि देश के नौजवानों के रूप में मानव संसाधन तथा प्राकृतिक संसाधन मिल जाए तो तरक्की निश्चित रूप से कदम चूमेगी।
मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद करते हुए कहा कि जब भाजपा के साथ गठबंधन की बात चल रही थी तो उन्होंने कहा था कि वे ऐसे शख्स से हाथ मिला रहे हैं जिन्हें हिंदुस्तान की करोड़ों जनता ने चुना है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई तथा रोजगार का मुद्दा भी उठाया।