कश्मीर के कुछ इलाकों में जुमे की नमाज के चलते पाबंदियां लगा दी गईं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई इन पाबंदियों के दौरान शुक्रवार को शांति रही। श्रीनगर के साथ-साथ घाटी के हर ज़िले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण छिटपुट पत्थरबाजी की घटनाओं को छोड़कर कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
श्रीनगर में शुक्रवार सुबह से ही डाउन टाउन के संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी, क्योंकि गुरुवार देर रात नौहट्टा, खानयार, सोवरा आदि कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कर्मियों और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुई थीं।
इन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे। शुक्रवार सुबह से ही श्रीनगर के सिविल लाइन इलाके में निजी वाहनों की आवाजाही रही, जबकि डाउन टाउन इलाकों में गिने चुने वाहन ही दिखाई दिए। वहीं दुकानें भी सुबह 6 से 10 बजे तक ही खुली रहीं।
जामिया को छोड़कर अन्य मस्जिदों में पढ़ी गई नमाज
इस बीच पाबंदियों के कारण श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में 5 अगस्त के बाद लगातार 11वें शुक्रवार को जुमे की नमाज नहीं पढ़ी जा सकी। जबकि अन्य मस्जिदों में सामान्य रूप से नमाज पढ़ी गई।