आतंकियों के परिजनों से मिलती महबूबा मुफ्ती
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पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर ने जितनी सख्तियां हैं इससे ज्यादा सख्तियां और क्या कर सकते हैं। यहां तो पहले से ही बहुत सख्तियां हैं। कश्मीर के लोगों ने टास्कफोर्स देखा, इखवान राज देखा, मारधाड़ देखी, पोटा देखा, सब कुछ देखा लेकिन इससे कोई हल निकलने वाला नहीं है। जब तक पाकिस्तान और हुर्रियत से साथ बातचीत नहीं होगी, यहां के लोगों के जख्मों पर मलहम नहीं लगाया जाता तब तक यहां हालात नहीं सुधार सकते।
सोमवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में जनसभा के बाद महबूबा ने कहा कि यह चुनाव जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के समाधान के लिए और जो हमारी विशेष पहचान है, उसके बचाव के लिए लड़ा जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस को राष्ट्रीय हित ज्यादा प्यारा होता है, उनके लिए कश्मीर का हित कोई मायने नहीं रखता है। जिस तरह गुलाम नबी आजाद ने हजारों कनाल जमीन श्राइन बोर्ड को ट्रांसफर की, उस वक्त उन्होंने 370 के बारे में नहीं सोचा। इसी तरह अफजल गुरु को फांसी दी गई, तब भी उन्हें लगा कि यह राष्ट्र हित में है और उन्होंने कश्मीरियों के जज्बातों के बारे में नहीं सोचा। आज जो मुद्दे हैं वह यह है कि किस तरह से 370 की रखवाली कर सकें और पार्लियामेंट में इसके साथ की जाने वाली छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठा सकें।
सख्ती से लोग बंदूक उठाने के लिए होते हैं मजबूर
महबूबा ने कहा कि दक्षिणी कश्मीर के वारीपोरा में आतंकी मारा गया, जिसके घर में तोड़फोड़ की गई। उसके भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह तो स्वाभाविक है कि जब यह लोग बाहर आएंगे तो बंदूक उठाने के अलावा और क्या करेंगे। महबूबा ने कहा कि सख्ती से, तोड़फोड़ से और इस किस्म की मारपीट से लोग बंदूक उठाने के लिए मजबूर होते हैं। बता दें कि इससे पूर्व उन्होंने भाषण के दौरान कहा था कि सुरक्षाबल युवाओं को बंदूक उठाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
यासीन मलिक को कुछ हुआ तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा
यासीन मलिक को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि उन्हें बहुत अफसोस है कि यासीन मलिक की तबीयत बहुत खराब है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस साध्वी प्रज्ञा को बीमारी का हवाला देते हुए बेल पर छुड़वाया, उसे चुनाव लड़वा रहे हैं और वह अब भी जहर उगल रही है। वहीं दूसरी ओर यासीन मलिक जो बहुत बीमार हैं, जिनकी जान को खतरा है, उन्हें जेल में बंद रखा है। महबूबा ने कहा कि मेरी सरकार से यह अपील है कि उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए, ताकि उनका इलाज हो सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि खुदा न करें कि अगर मलिक की मौत होती है, तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
मलिक की पत्नी मुशाल मलिक की पति से मिलने की ख्वाहिश को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि सरकार को अनुमति देनी चाहिए। अफजल गुरु को फांसी दी गई और उनके परिवार वालों को भी उनसे नहीं मिलने दिया गया। इंसानियत के तौर पर सरकार को यासीन मलिक की बीवी और बच्ची को उनसे मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए।