जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को पीडीपी के एक पूर्व विधायक और एक व्यापारी नेता को हिरासत से रिहा कर दिया। इसके बाद अब विधायक हॉस्टल में एहतियातन हिरासत में 15 लोग शेष बचे हैं।
इनमें दक्षिण कश्मीर के वाची के पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर और व्यापारी नेता शकील अहमद कलंदर शामिल हैं। इससे रविवार को विधायक हॉस्टल से चार नेताओं को रिहा किया गया था। कलिंदर कश्मीर फेडरेशन चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष हैं। रविवार को जिन्हें रिहा किया गया था उनमें तीन पीडीपी व एक नेशनल कांफ्रेंस के नेता शामिल थे। ये सभी नेता पांच अगस्त 2019 से बंद चल रहे हैं।
पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। इसके मद्देनज़र तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित बुनियादी ढांचा के कारोबारी नेताओं को एहतियाती हिरासत में ले लिया गया था।
जिन प्रमुख नेताओं को अभी भी हिरासत में रखा गया है उनमें नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व पीडीपी अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद गनी लोन शामिल हैं। फारूक अब्दुल्ला पर 17 दिसंबर को पीएसए के तहत भी कार्रवाई की गई है।