कश्मीर में सर्दी की शुरूआत के साथ दिक्कतें बढ़ जाती हैं। गैर मीटर वाले इलाके के लोगों को ही नहीं बल्कि मीटर वाले इलाकों में भी लोगों को इस कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं बिजली विभाग का कहना है कि उपभोक्ता किए गए बिजली एग्रीमेंट से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं। इस कारण दिक्कतें बढ़ती हैं।
श्रीनगर शहर के कई पाश इलाकों में भी बिजली सेवा प्रभावित हो रही। लोगों को दिन में छह से आठ घंटे की कटौती झेलनी पड़ती है।
जवाहर नगर के रहने वाले एक स्थानीय निवासी के अनुसार उन्हें दिन में कई बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। अघोषित कटौती के चलते दिनचर्या खासी प्रभावित हो रही है।
गृहिणी नाजिम के अनुसार सर्दियों में हर काम लगभग बिजली पर ही निर्भर होता है। सेवा प्रभावित होने से कई तरह की दिक्कतें आती हैं।
बिजली कटौती से आम लोग ही नहीं, बल्कि छात्र भी बेहाल हैं। सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी, यूनिवर्सिटी आदि के विद्यार्थियों को परीक्षाओं की तैयारियों में परेशानियों का सामना पड़ रहा है।
छात्रा बिलकिस का कहना है कि बिजली की आंखमिचौनी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सर्दी में बिजली की खपत बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि इन दिनों बिजली के 1200 मेगावाट आयात कर रहे हैं, जबकि मांग 1600 मेगावाट है। बिजली समझौते के तहत पंजीकृत मांग केवल 800 मेगावाट है।
गौरतलब है कि हाल में उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि बिजली विभाग सख्ती से गैर मीटर वाले इलाकों में आठ घंटे की कटौती और मीटर वाले इलाकों में तीन घंटे की कटौती को लागू करे, ताकि लोगों को अघोषित कटौती का सामना नहीं करना पड़े।