लिकर किंग के नाम से मशहूर उद्योगपति विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पहले ही डिफॉल्टर घोषित हो चुकी है। बैंकों से कर्ज लेकर नहीं लौटाने वाली किंगफिशर एक साल से भी ज्यादा समय से बंद पड़ी हुई है।
अब खबर आ रही है कि विजय माल्या ने रियासत की सबसे बड़ी बैंक जम्मू एंड कश्मीर बैंक से लगभग 100 करोड़ के आस-पास लोन लिया था। जिसे उनकी कंपनी नहीं लौटा सकी है। अब बैंक ने उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया है।
बैंक ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि विजय माल्या ने बैंक से कितना पैसा लोन के रुप में लिया था और अभी तक कितना वापस किया है।
बैंक ने 95 फीसदी लोन वसूला
जेएंडके बैंक को साल 2014 को अभी तक पिछले वित्त बर्ष के मुकाबले 60 फीसदी तक का नुकसान उठाना पड़ा है। जोकि जेएंडके बैंक के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
जेएंडके बैंक की इस समय कुल लाभ 130 करोड़ है जबकि पिछले साल जून में बैंक का कुल लाभांश 308 करोड़ के आसपास था।
बैंक की इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोगों को लगातार बड़े-बड़े लोन देना फिर उन लोन को वापस वसूल ना कर पाना बताया जा रहा है।
हालांकि बैंक के जनसम्पर्क अधिकारी का कहना है कि बैंक ने विजय माल्या को दी गई कुल राशि का 95 फीसदी हिस्सा वसूल
कर लिया है।
विलफुल डिफॉल्टर घोषित हो सकती है किंगफिशर
किंगफिशर ने एसबीआई के साथ-साथ 17 और बैंकों से 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। इसके अलावा कोलकाता के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने भी 400 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है।
जिसने पहले ही कंपनी को अलग से नोटिस दे रखा है। वित्त मंत्रालय की सूची के मुताबिक किंगफिशर देश के टॉप 50 डिफॉल्टरों में से सबसे ऊपर है।
अब ये बैंक जल्दी ही विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को विलफुल डिफॉल्टर (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले) घोषित कर सकते हैं।