श्रीनगर के करन नगर में सोमवार को आतंकियों के खिलाफ शुरू हुआ एनकाउंटर लगभग 30 घंटे बाद खत्म हो गया। इस हमले में आतंकियों के निशाने पर करन नगर का सीआरपीएफ का कैंप था। लेकिन गेट पर तैनात संतरी रघुनाथ की मुस्तैदी के चलते होने से इस हमले को टाल दिया गया।
30 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। जबकि आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया है। जबकि एक जवान घायल बताया जा रहा है। आतंकियों जम्मू के सुंजवां हमले के दो दिन बाद करन नगर सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने की नियत से घुसपैठ करने की कोशिश की।
लेकिन गेट पर तैनात संतरी रघुनाथ ने आतंकियों की संदिग्ध हरकतों को पहले ही भाप लिया और उनके आते ही ताबड़तोड़ गोलियों की बरसात कर दी। रघु के हौसले को देख कर दोनों फिदायीन आतंकी डर के मारे भाग खड़े हुए और पास की एक इमारत में जाकर छिप गए।
सीआरपीएफ के डीजी आरआर भट्टनागर में भी रघु की बहादुरी की जमकर तारीख की और उन्हें एनकाउंटर खत्म होने के बाद उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित भी करने की घोषणा की। बता दें कि 27 वर्षीय रघुनाथ महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के नंदुरा गांव का रहने वाला है।
रघु की गोलीबारी की आवाज सुनकर सीआरपीएफ के जवानों को पूरी घटना को समझने में देर न लगी और उस इमारत को चारों ओर से फौरन घेर लिया। लगभग तीस घंटे के ऑपरेशन के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।