डीडीसी चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) से हाथ मिला लिया है। लगभग पांच घंटे तक चली बैठक में दोनों पार्टियों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि भाजपा को चित करने के लिए ही कांग्रेस ने नेकां से हाथ मिलाया है। इससे पहले गुपकार गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ने का एलान किया था।
सूत्रों के अनुसार पूरा घटनाक्रम बुधवार को सुबह साढ़े दस बजे शुरू हो गया। शाम लगभग आठ बजे सहमति बनने के फैसले की जानकारी दी गई। बैठक में तय हुआ कि नेकां, कांग्रेस, पीडीपी सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। चूंकि, समय कम है। इस वजह से हो सकता है कि कई सीटों पर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ही इस मसले को सुलझाया जाएगा।
बैठक में कांग्रेस नेता रवींद्र शर्मा व पीडीपी नेता सुरिंदर चौधरी मौजूद थे। नेकां के संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि कांग्रेस ने भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने का एलान किया है। वहीं, रवींद्र शर्मा के अनुसार नेकां व दूसरे दलों से भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात चल रही है।
नेकां-कांग्रेस के बीच पिछले कुछ दिनों से पक रही थी खिचड़ी
नेकां और कांग्रेस के बीच पिछले कुछ दिनों से खिचड़ी पक रही थी। नेकां प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को दावा किया था कि कांग्रेस गुपकार गठबंधन का हिस्सा है। वह गठबंधन से मिलकर ही चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने रविवार को उनसे मुलाकात की और मिलकर चुनाव लड़ने पर बात हुई। कहा था कि कांग्रेस और गुपकार गठबंधन के दलों में कोई मतभेद नहीं है।
हालांकि, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने दावे को खारिज करते हुए कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला से केवल सद्भावना मुलाकात की। इस मुलाकात के कोई आधिकारिक या पार्टी आधार पर मायने नहीं हैं और न ही कोई आधिकारिक बयान है।