एलईडी लाइट लगाने मामले में अब जांच कमेटी सर्वे करेगी और रिपोर्ट को अगले हाउस में मेयर को सौपेंगी। इस मसले पर सदन में गहमागहमी रही। पार्षदों ने काम करवा रही कंपनी और बिजली कॉरपोरेशन के अधिकारियों को लाइट न लगने पर सवाल किए।
एलईडी लाइटें लगाने आने वाली टीम की हाजिरी पार्षद सुनिश्चित करेंगे। मौजूदा समय में लाइटें ठीक करने वाले कर्मचारी साढ़े 12 बजे आते हैं और दो बजे चले जाते। इस कारण काम नहीं पाता। अब हाजिरी के बाद ही कर्मचारियों को दिहाड़ी मिल सकेगी।
आयुक्त राहुल यादव ने कहा कि 50 फीसदी पेमेंट कंपनी की रोकी गई है। लाइटें लगाने पर रिपोर्ट आने के बाद ही अदा की जाएगी। 95 फीसदी लाइटें शहर में लगने पर अदायगी पर कार्रवाई नगर निगम शुरू करेगा।
प्रॉपर्टी टैक्स पर पार्षदों ने मेयर और आयुक्त से सवाल किया। पार्षदों ने मीडिया में चल रही खबरों का हवाला भी दिया। साथ ही 25 जनवरी को सार्वजनिक हुए मुख्य सचिव के आदेश के बारे में पूछा। पार्षदों ने कहा कि क्या पहली अप्रैल से टैक्स लग रहा है।
स्थिति स्पष्ट की जाए। गरीब लोग टैक्स नहीं दे सकते हैं। इस पर आयुक्त राहुल यादव ने कहा कि अभी तक कोई भी सरकारी आदेश नहीं आया है। मेयर राजिंदर शर्मा ने कहा कि अभी कोई जानकारी नहीं है। आयुक्त स्थिति को स्पष्ट करेंगे।
आयुक्त ने कहा कि सरकारी आदेश नहीं आया है। इस पर कुछ नहीं बताया जा सकता है। फिलहाल कोई भी टैक्स नहीं लग रहा है। टैक्स लगने को लेकर पार्षदों और मेयर से भी लोग फोन कर जानकारी मांग रहे थे।