पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) वर्तमान लोकसभा चुनावों में हिस्सा नहीं लेगी। शनिवार को फैसल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हाल ही में अपनी नई पार्टी का गठन किया है। ऐसे में सियासी गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि वह वोट काटने के लिए चुनाव में उतर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने पिछले कुछ दिनों में पार्टी के कोर ग्रुप की कई बैठकें कीं। इसमें तय किया कि वर्तमान लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी नहीं उतरेगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव नहीं लड़ने का मुख्य कारण जनसंपर्क कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। यह उन तत्वों को भी जवाब है, जो आरोप लगा रहे थे कि मौजूदा चुनाव में वोट काटने के लिए हम केंद्र की कठपुतली भर हैं। फैसल ने कहा कि वक्त आने पर उनकी पार्टी तय करेगी कि किस पार्टी को समर्थन करना है। शिक्षक की कथित तौर पर हिरासत में मौत पर कहा कि दोषी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हमें लगता है कि केवल न्यायिक जांच से रिजवान की मौत के पीछे की सच्चाई पता लगाई जा सकती है।
चुनावों में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा
फैसल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि बहिष्कार हो या नहीं हो, चुनाव होंगे और संसद के लिए लोग चुने जाएंगे। इसलिए लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए ताकि सही उम्मीदवार चुना जाए।
अनुच्छेद 370 के साथ खड़े
अनुच्छेद 370 और 35ए पर फैसल ने कहा कि वह इन प्रावधानों के संरक्षण के लिए खड़े हैं, जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता है।