जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों में गतिरोध थम नहीं रहा है। जेकेसीए के महासचिव एमएल नेहरू ने एक नोटिस निकालकर जम्मू विंग के अधीन लग रहे सिलेक्शन ट्रायल/कैंपों को असंवैधानिक करार दिया है। उनका आरोप है कि ऐसी गतिविधियों से युवा क्रिकेटरों को गुमराह किया जा रहा है।
उधर, जम्मू विंग के संयुक्त सचिव सुदर्शन मेहता का कहना है कि जेकेसीए के संविधान के मुताबिक ही सारी क्रिकेट गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उनका आरोप है कि जम्मू विंग की गतिविधियों को रोकने के लिए साजिश रची जा रही है। एसोसिएशन के महासचिव नेहरू ने नोटिस निकालकर तर्क दिया है कि प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में बनाई गई सब कमेटियों का काम रियासत में क्रिकेट गतिविधियों को देखना है।
इसमें चयनित चयनकर्ता ही संभावित क्रिकेटरों का चयन कर सकते हैं, लेकिन राज्य में बाढ़ से मौजूदा हालात में ऐसी गतिविधियां अभी शुरू नहीं की जा सकती हैं। इसलिए जम्मू विंग में चलाई जा रही गतिविधियां अवैध हैं। इस पर जम्मू विंग के संयुक्त सचिव मेहता का कहना है कि कोई सब कमेटी का गठन नहीं हुआ है।
जम्मू विंग अपने क्षेत्राधिकार में संभाग की ही क्रिकेट गतिविधियों को चला रहा है और यह वैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद महासचिव ने वर्किगिं कमेटी के एक सदस्य के बेटों को अगस्त के कैंप में शामिल होने के लिए पत्र लिखा था। अगर ये कैंप अवैध थे तो उन्हें ऐसा क्यों कहा गया।