केरल में जारी नेशनल गेम्स में राज्य के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बॉक्सिंग में एक और बॉक्सर ने अपने जीत अभियान को जारी रखते हुए सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक पक्का कर लिया है। फेंसिंग में भी राज्य की झोली में एक कांस्य पदक आया है। इन पदकों के साथ राज्य की अंक तालिका में बढ़ोतरी हुई है। बॉक्सिंग में तीन कांस्य पदक पक्के हो चुके हैं, जिसमें अगर राज्य के धुरंधर कुछ खास करने में कामयाब रहे तो पहली बार रजत या स्वर्ण पदक हासिल करने में कामयाब होंगे।
उल्लेखनीय है कि बाक्सिंग में महिला वर्ग के 60 किलोग्राम भार वर्ग में अंजू बाला और पुरुष वर्ग के 60 किलोग्राम भार में धीरज कुमार ने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश करके दो कांस्य पदक पक्के किए, जिसके बाद बुधवार को पुरुष वर्ग के 49 किलोग्राम भार में प्रदीप शर्मा ने शानदार प्रदर्शन कर मेजबान केरल के नितिन राज को पछाड़कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
इस जीत के साथ राज्य का तीसरा कांस्य पदक पक्का हो गया है। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबलों में अगर तीनों बॉक्सर जीत अभियान को जारी रखते हैं तो राज्य की पदक तालिका में बढ़ोतरी होगी। टीम के तीन कांस्य पदक पक्के होने पर जम्मू-कश्मीर एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के प्रधान डा. रंगील सिंह, महासचिव आशुतोष शर्मा आदि ने टीम के सदस्यों और टीम का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ बॉक्सिंग कोच अनिल वडेरा की प्रशंसा की है।
इसी तरह फेंसिंग के साइबर एकल वर्ग में विशाल थापर को सेमीफाइनल में तमिलनाडु के जोशीनदी से हार देखनी पड़ी। लेकिन इस हार से राज्य की झोली में फेंसिंग में पहला कांस्य पदक आ गया। पिछली नेशनल गेम्स में फेंसिंग में राज्य के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा है।
2011 फरवरी में झारखंड में हुई 34वीं नेशनल गेम्स में राज्य ने काइकिंग और नोइंग की विभिन्न स्पर्धाओं में सबसे ज्यादा छह पदक हासिल किए थे। इसके अलावा बॉक्सिंग, फेंसिंग, वेट लिफ्टिंग में एक-एक और जिमनास्टिक में तीन पदक हासिल हुए थे। इस बार जिमनास्टिक, बॉक्सिंग और फेंसिंग के बाद वाटर स्पोर्ट्स में भी राज्य के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।