जम्मू। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पास बिजली उत्पादन की कमी नहीं है। हम 14867 मेगावाट बिजली पैदा कर सकते हैं, लेकिन 70 सालों में बस 3504 मेगावाट ही पैदा कर सके। लेकिन अगले पांच साल तक हम 3498 मेगावाट बिजली पैदा करेंगे। जो 70 साल में नहीं हुआ, हम पांच साल में करेंगे।
वर्षों से लटकी हुई बिजली परियोजनाओं में नई जांन फूंकी गई है। एलजी मनोज सिन्हा ने वीरवार को जम्मू संभाग में 44 करोड़ की लागत से पूरे किए गए बिजली के 35 प्रोजेक्टों का शुभारंभ किया। इन प्रोजेक्ट से जम्मू को 367एमवीए क्षमता वाली बिजली सप्लाई मिलेगी। इन प्रोजेक्टों के अलावा बिजली से संबंधित कई ऑनलाइन सुविधाओं को भी लांच किया गया है। इसके माध्यम से लोग बिजली के कनेक्शन, बिल का भुगतान और शिकायत कर सकते हैं। इनका निवारण भी ऑनलाइन किया जाएगा। इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लंबे समय से अटकी बिजली परियोजनाओं को पूरा किया जाए। इसके लिए यूटी प्रशासन पूरी ईमानदारी से काम कर रहा है। बिजली को एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता माना गया है और इसलिए इसे नीति निर्माण और अर्थव्यवस्था प्रबंधन में प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बिजली की लगातार बढ़ती मांग और ऊर्जा उत्पादन के लिए अपार प्राकृतिक स्रोतों की उपलब्धता के बावजूद मांग को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे को नहीं बढ़ाया गया। लेकिन वह विश्वास दिलाते हैं कि लोगों को 20 से 22 घंटे तक बिजली देने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयास करेगा।
बर्न पावर स्टेशन और सावलाकोट प्रोजेक्ट भी शुरू
बर्न पावर स्टेशन में 160 एमवीए की क्षमता बढ़ाने की योजना 2012 में शुरू की गई थी, लेकिन यह लंबे समय से अटकी रही। सरकार ने इसे 119 दिन में पूरा किया है। इस प्रोजेक्ट से अखनूर, ज्यौड़ियां, रियासी और साथ लगते क्षेत्रों में बिजली ढांचा मजबूत होगा। इसी तरह सावलाकोट प्रोजेक्ट को 1984 में बढ़ाने का काम शुरू हुआ। लेकिन 36 साल से यह प्रोजेक्ट लटका रहा। अब जाकर इसे मंजूरी दी गई है। वहीं ग्लैडनी और द्राबा चंडक परियोजनाओं को भी पूरा किया गया है।
लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के हर प्रयास होंगे
एलजी ने कहा कि पिछले 11 महीनों में सरकार ने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का हर प्रयास किया है। इसी क्रम में 35 प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। कश्मीर और जम्मू दोनों के लिए ही एडवांस में तैयारी की गई थी, लेकिन किसी कारण जम्मू के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन आने वाले समय में जम्मू में बिजली की व्यवस्था ठीक होगी। इसे लेकर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं। खासकर अप्रैल और मार्च में बिजली ढांचे में सुधार के लिए कहा गया है।