जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक भूमि पर धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों की जानकारी दो सप्ताह में तलब की है। कहा है कि यदि दो सप्ताह के भीतर जानकारी नहीं दी जाती तो संबंधित विभाग पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश मोक्षा खजूरिया काजमी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान ये आदेश जारी किए। खंठपीठ ने कहा कि हमने सार्वजनिक सड़कों, सार्वजनिक पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण से अवैध धार्मिक संरचनाओं के संबंध में स्वत: संज्ञान लिया था।
अदालत ने 17 फरवरी 2023 के आदेश के तहत एसएस नंदा वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता को 22 दिसंबर 2020 के आदेश के संदर्भ में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था, लेकिन आज तक रिपोर्ट को पेश नहीं किया गया।
मगर अब हालात ऐसे बन गए हैं कि इसमें कड़ी कार्रवाई करनी होगी। लिहाजा दो हफ्तों के भीतर यदि जानकारी नहीं दी जाती तो 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।