पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में शांति को बाधित करने के लिए झूठा प्रचार करने सहित सभी प्रयास किए, लेकिन सुरक्षा बलों के कड़े प्रयास और लोगों के समर्थन से उसकी सभी साजिशें विफल हो गईं। उन्होंने यह टिप्पणी सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद के परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारियों के एक समूह के साथ बातचीत के दौरान की।
दो महिला अधिकारियों और नेपाल और मालदीव के दो अधिकारियों सहित 22 आईपीएस परिवीक्षाधीन अधिकारियों का समूह भारत दर्शन कार्यक्रम और उनके बुनियादी प्रशिक्षण के एक भाग के रूप में जम्मू-कश्मीर के अध्ययन-सह-सांस्कृतिक दौरे पर है। पुलिस मुख्यालय में बातचीत के दौरान डीजीपी ने कहा कि पिछले तीन दशकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस को बड़ी संख्या में समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के समर्थन की सराहना करते हुए सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने लोगों को लुभाने और शांति को बाधित करने के लिए सभी प्रयास किए हैं। हालांकि, अन्य सुरक्षा बलों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के कड़े प्रयासों और लोगों के समर्थन से सभी साजिशें विफल हो गई हैं।
मई में यहां आयोजित जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक और वीरवार को 33 वर्षों के बाद निकाले गए ऐतिहासिक मुहर्रम जुलूस का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि ऐसे आयोजन उन शांतिपूर्ण परिवर्तनों के बारे में बताता है जो जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ अन्य सुरक्षा बलों के प्रयासों से हुए हैं।
वर्षों से विभिन्न बलों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के उद्देश्य से अथक प्रयास किया है। बहुत कुछ हासिल किया गया है और शांति को और मजबूत करने के लिए और प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने शहीदों पर गर्व है और हमारा प्रयास है कि हम अपने कर्मियों के बलिदान को याद रखें और हर अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।
पुलिस कर्मियों के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ना हमेशा एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि वे एक ही समाज से आते हैं। यह पुलिलस जवानों का साहस और वीरता है कि आज बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों को शांतिदूत और नायक के रूप में देखा जाता है।