जम्मू। जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) को अधिकारियों की कमी खल रही है। 1971 में जेडीए के पास कुल 400 मुलाजिम थे। मौजूदा समय में अधिकारियों के साथ फोर्थ क्लास कर्मियों के 211 पद खाली हैं। तीन से चार विभागों का जिम्मा एक-एक अधिकारी के पास है। ऐसे में फाइलें लटक रही हैं और काम में तेजी नहीं आ पा रही। हालात इस कदर खराब हैं कि सरकार की तरफ से नियुक्त 45 अधिकारियों ने अभी तक पदभार नहीं संभाला है। इस कारण लोगों को धक्के खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
आम जनता से बात करने के लिए पीआरओ तक नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी खिलाफवर्जी विंग को झेलनी पड़ रही है। टाउन प्लानिंग के लिए मुख्य अधिकारी तक नहीं है। तीन साल पहले इस काम के लिए इंचार्ज बनाए गए थे, लेकिन अब वे भी नहीं हैं। प्लान अगर बना भी लिया जाए तो उस पर काम कैसे हो, इसके लिए कोई आर्किटेक्ट नहीं है, क्योंकि इनके भी दो पद खाली हैं। जेडीए द्वारा 166 मुलाजिमों की भर्ती की जानी है, जिनमें उप सचिव से लेकर, क्लर्क, चतुर्थ श्रेणी, सुपरवाइजर, वर्क सुपरवाइजर आदि के पद शामिल हैं। बोर्ड के सदस्यों ने 26 अक्तूबर 2019 को एसआरओ 881 के तहत नॉन गेजेटेड और एसआरओ 882 गेजेटेड अफसरों की लिस्ट दी थी। यह मसला अभी तक प्रशासनिक विभाग के पास फंसा है। (संवाद)
इन अधिकारियों के पद खाली
जूनियर इंजीनियर सिविल (11), जूनियर इंजीनियर मेकेनिकल (1), पटवारी (7), पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (1), गिरदावर (2), एओ (1), एएओ (2), हेड ड्राफ्टमैन (2), ड्राफ्टमैन (2), जूनियर असिस्टेंट (1), सर्वे अधिकारी (2), लैंडस्केप आर्किटेक्ट (2), कलेक्टर (1), खिलाफवर्जी (1)। इसके अलावा कई मुलाजिमों के पद भी खाली हैं।
खिलाफवर्जी विंग में परेशानी ज्यादा
खिलाफवर्जी विंग के आला अधिकारी जेडीए कांप्लेक्स बस स्टैंड का प्रशासनिक कार्यभार संभाल रहे हैं। यहां क्लर्क ही चार्ज संभाले हुए हैं। इतना ही नहीं सूत्रों के मूताबिक विभाग के पास वाहन तक नहीं है।
समस्या लोगों की जुबानी
स्थानीय निवासी अनिल गुप्ता ने बताया कि बाहु प्लाजा का बहुत पुराना मसला है, जिसके लिए कब से दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समझ नहीं आता कि अलॉटमेंट सेक्शन में किसके पास जाएं, जिससे हमारा काम हो पाए। वार्ड-62 की रेखा मन्हास ने बताया कि इलाके में जेडीए ने एक क्लब बनाया था, लेकिन अब वह खाली नहीं करवाया जा रहा। कई बार मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। नाम ना छापने की शर्त पर मंगल मार्केट के एक दुकानदार ने बताया कि हमें यहां पर सरकार ने बिठाया है, लेकिन अब दुकान की लीज बढ़ाई नहीं जा रही। इसके लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, हर बार यही कहा जाता है कि आज साहब नहीं हैं।
कम संसाधनों में काम करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरे जेडीए में हर अधिकारी व मुलाजिम अपनी जिम्मेदारी को बाखूबी निभा रहे हैं। हालांकि खाली पदों की कमी खलती है।
- शिवकुमार गुप्ता, वीसी, जेडीए जम्मू