सांबा। कस्बे के किले में जिला प्रशासन की तरफ से लगाया जनता दरबार लोगों के गुस्से से गर्म रहा। लोगों ने पिछले दरबारों में उठाई समस्याएं हल नहीं होने का मुद्दा उठाया और समाज कल्याण विभाग की आयुक्त सचिव शीतल नंदा से अधिकारियों की शिकायत की। खनन, बिजली, जलशक्ति समेत अन्य विभागों की कारगुजारी पर भी सवाल उठाए।
लोगों ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, इसी के चलते लोग जनता दरबार में नहीं पहुंच रहे। बता दें, दो दिन पहले ही लगे जनता दरबार में सिर्फ एक व्यक्ति पहुंचा था। शुक्रवार को आयोजित दरबार में आयुक्त सचिव के अलावा एडीडीसी राजिंदर सिंह, एसएसपी विनय शर्मा, एडीसी सुरेश चंद्र, नगर परिषद सीईओ अमित चौधरी और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
रख अंब टाली के पूर्व सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को मार्ग पर तारकोल डालने के लिए कहा था, लेकिन कई माह बाद भी तारकोल नही बिछाई गई। वर्ष 2002 में लोगों ने बंदूक के लाइसेंस रिन्यू के लिए दिए थे, लेकिन आज तक रिन्यू नहीं हो सके। उन्होंने खनन विभाग की कारगुजारी पर भी सवाल उठाए। कहा कि जिन ब्लाॅक का ठेका हुआ है, उसे छेड़ा नहीं जा रहा। आसपास के क्षेत्र से रात्रि के समय खनन किया जा रहा है। उन्होंने खनन अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत की। उन का कहना है कि बसंतर व देविका नदी को छलनी कर दिया गया है। विभाग में भ्रष्टाचार हावी है। अवैध खनन करने वालों पर कोई रोक टोक नही है। उन्होंने कहा कि बसंतर दरिया के निकट अवैध रूप से क्रशर लगाने का लोग विरोध कर रहे हैं, लेकिन इस संबंध में कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। अब लोग अपने स्तर पर विरोध कर रहे हैं। कहा कि खनन के कारण किसानों के बोरवेल तक नहीं चल पा रहे हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी आर्थिक कमजोर लोगों के घरों में दबिश दे रहे हैं, जबकि कई कारखाने अवैध रूप से चल रहे हैं।
कैली मंडी (सांबा) के पूर्व सरपंच रविंद्र सिंह ने कहा कि सेना की ओर से कुछ घरों का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस बारे में जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्र में पर्याप्त पानी की सुविधा भी नही है। आठ माह से प्रशासन की ओर से खनन पर रोक लगाई गई है, लेकिन बसंतर दरिया में सारी रात खनन किया जा रहा है। कोई पूछने वाला ही नही है। उन्होंने कहा कि पशु तस्करों व नशा तस्करों की संपत्ति जब्त की जाए, ताकि तस्करी पर रोक लग सके।
सुंब के निवासी बशरत अली ने कहा कि जीरड़ व कारड के बीच मार्ग बनाया जाए। पशु पालन विभाग का कार्यालय खोला जाए। सतीश दत्ता ने नये राशन कार्ड बनाए जाने की मांग उठाई। नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती की भी मांग की।
सुंब के पूर्व सरपंच सूरज प्रकाश वर्मा ने सांबा-सुंब-गौरण मार्ग को बनाने की मांग उठाई। कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की मांग को अनसुना किया जा रहा है। यदि ठेकेदार समय पर काम नही करते हैं तो उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। सुंब में सरकारी डिग्री कालेज की भी मांग की गई। सुंब के स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाने और रात्रि के समय डॉक्टर तैनात करने और सांबा रेलवे स्टेशन पर रेल गाड़ियों का ठहराव करने को कहा।
सांबा के वार्ड 6 के कुलभूषण सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में गत 2017 में सामुदायिक केंद्र का निर्माण शुरू किया गया था जो आज भी अधर में है। तीन वर्ष से ओवर हेड टैंक बनाया गया है लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। पूर्व पाषर्द आरती अंताल ने कहा कि कैली मंडी में सिलाई केंद्र खोला जाए।
दियानी के पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार ने ओवर हैड टैंक से पानी की आपूर्ति किए जाने की मांग उठाई। इस पर आयुक्त सचिव शीतल नंदा ने कहा कि उनकी मांगों को दर्ज कर लिया गया है। संबंधित उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया जाएगा। सभी समस्याओं के समाधान का उचित प्रयास किया जाएगा।