कृषि उत्पादन से संबंधित पशु पालन, बागवानी और कृषि के सालाना वित्तमान में 10 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। बुधवार को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में इसका फैसला लिया गया। कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लु ने संबंधित अधिकारियों से बैठक की। मछली पालन और फ्लोरिकल्चर में भी वित्तमान बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके पहले उक्त विभागों से संबंधित मौजूदा वित्तमान पर चर्चा की गई।
डुल्ले ने कहा कि कृषि एवं संबंधित गतिविधियों के लिए वित्त का निर्धारण जिले के किसानों को विभिन्न प्रकार के मुफ्त ऋण का परेशानी मुक्त तरीके से अधिकतम लाभ उठाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त के निर्धारण से जिले में कृषि उद्यमी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। वित्त के उचित पैमाने पर पहुंचने और सटीक फील्ड डेटा की आवश्यकता में सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। किसानों को पर्याप्त और समय पर ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
समग्र कृषि विकास योजना पर बैठक
वहीं डुल्लु ने सचिवालय में समग्र कृषि विकास योजना (एचएडीपी) के तहत विभाग के विभिन्न संबंधित विंगों को धन और परियोजनाओं के आवंटन की समीक्षा के लिए एक बैठक की। उन्होंने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न कृषि परियोजनाओं और योजनाओं का व्यापक मूल्यांकन किया। अधिकारियों से इन पहलों के कार्यान्वयन में मौजूदा बाधाओं की पहचान करने पर विचार किया।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक के रूप में कृषि के महत्व पर प्रकाश डाला और कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आवंटित धन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए और परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों के साथ बातचीत की और परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने और प्रत्येक परियोजना के लिए धन के कुशल आवंटन के लिए उनकी प्रतिक्रिया और सुझाव मांगे।