मार्च में जल शक्ति विभाग के कर्मचारी हड़ताल के माध्यम से बुलंद कर चुके हैं आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। मार्च में हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से जल्द कदम उठाने का आश्वासन मिला था। इसके बाद रिकार्ड भी तलब किया गया, लेकिन दो माह बाद भी सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं हुआ है।
इससे कर्मचारी खफा हैं। मौजूदा समय में सिंचाई, बिजली और जल शक्ति सहित अन्य विभागों में कई अस्थायी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों को 311 रुपये मासिक मानदेय मिलता है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। अब आने वाले दिनों में फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यूटी की तर्ज पर दिया जाए मानदेय
सिंचाई विभाग के अस्थायी कर्मचारी प्रवीण कुमार और जय पाल आदि ने बताया कि कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। साथ ही मानदेय यूटी की तर्ज पर दिया जाए। 70 माह का वेतन जल्द जारी किया जाए।
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जल्द फैसला नहीं आया तो शुरू करेंगे आंदोलन
पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारी रवि हंस, होशियार सिंह और राजेंद्र सिंह ताज ने कहा कि मार्च माह में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन मिला था। अभी तक प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही फैसला नहीं आया, तो जून माह में फिर आंदोलन शुरू होगा।