कमा रही लाखों, रबीना ने ऋण लेकर शुरू किया दूध का कारोबार, अब दस महिलाओं को दे रहीं रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आजीविका कमा रही हैं। इस पहल में जम्मू जिले के मढ़ तहसील के ललयाल कानाचक की रबीना बीबी दूध का कारोबार कर खुद के साथ दस महिलाओं को रोजी रोटी दे रही हैं। रबीना ने खुद का उजमा स्वयं सहायता समूह बनाया है। इस समूह के तहत रोजाना करीब एक हजार लीटर दूध का कारोबार किया जा रहा है और करीब एक लाख रुपये की मासिक कमाई हो रही है।
उन्होंने बताया कि उसे अपने दूध के कारोबार को बढ़ाने के लिए हमेशा चिंता रहती थी। मेरी स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों से मुलाकात हुई, जिन्होंने मुझे दस महिलाओं का समूह बनाने के लिए प्रेरित किया। मार्च 2022 में उक्त समूह से जुड़कर अपना काम करना शुरू किया।
शुरुआती दौर में कई चुनौतियां रहीं। हमने राशि के लिए उम्मीद एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) मढ़ से संपर्क किया। जिसमें अपने समूह का पंजीकरण करवाया। एनआरएलएम की ओर से सहायता के तौर हमारे समूह को 150000 रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया। इस राशि से हमने मिल्क एनालाइजर मशीन व स्थानीय लोगों से दूध खरीदना शुरू किया।
दूध से स्वनिर्मित पनीर, कलाड़ी, खोया, दही, मक्खन व देसी घी आदि बनाना शुरू किया। हम लोगों को दूध मूल्य संवर्धन इकाई जैसी कई योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया और सब्सिडी के रूप में 31.0 लाख रुपये की धनराशि मिली। जिससे फरवरी 2024 में दूध को सुरक्षित करने के लिए मशीनरी खरीदी गई। इससे अब हमारे दूध से बने उत्पाद और दूध सुरक्षित रहते है।
बाजार में बढ़ रही उत्पाद मांग
रबीना ने बताया कि उनके दूध के बनाए गए उत्पाद शुद्ध व स्वच्छ रहते हैं। इसी वजह से बाजार में उनकी मांग बढ़ रही है। लोग इन पदार्थों को खूब पसंद कर रहे हैं।
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एलजी ने पुरस्कार देकर किया सम्मानित
रबीना ने कहा कठिन संघर्ष के बाद हमारे जीवन में खुशी का माहौल कायम हुआ। इसी वजह से नवंबर 2024 में उपराज्यपाल द्वारा मुझे पुरस्कार प्रदान किया गया।