जम्मू। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के दो रिश्तेदारों के खिलाफ आपराधिक शिकायत पर कार्यवाही रोक दी। डोडा निवासी मुबशर अली और जम्मू के बठिंडी निवासी यावर अहमद के खिलाफ डोडा के रहने वाले आम आदमी पार्टी के कार्यकता मेहरान अंजुम मीर ने शिकायक दर्ज कराई थी। बुधवार को हाईकोर्ट न्यायाधीश राजेश सेखरी ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद मुशबर अली और मेहरान को नोटिस दिया।
याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ता यावर अहमद (पूर्व सीएम के भतीजे) की फर्म को हाइबर हाईटेक इनोवेटिव इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डंपर व परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए काम पर रखा गया था। इन सेवाओं के लिए यावर के पक्ष में हाइबर हाईटेक इनोवेटिव इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के दोनों निदेशकों की सहमति से रिहाढ़ी जेके बैंक ने 43 लाख के ऋण का चेक भी स्वीकृत किया।
ये पैसा यावर के बनतालाब स्थित बैंक खाते में जमा करा दी। लेकिन यावर को 10 लाख देने के आगे का पैसा रोक दिया गया। पता चला कि हाइबर हाईटेक इनोवेटिव इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मेहरान ने बैक को ऐसा करने को कहा है। यावर को देय भुगतान से वंचित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया। इसके अलावा मेहरान अंजुम मीर ने पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार यावर अहमद और मुबशर अली के खिलाफ भी अदालत में झूठी शिकायत दर्ज कराई।
बदनामी का अभियान चलाया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने याचिकाकर्ता यावर अली को सुने बिना ही आपत्तिजनक निर्देश जारी करके गलती की है, जो कानूनी तौर पर 43 लाख रुपये की राशि का हकदार है। न्यायाधीश राजेश सेखरी ने कहा कि याचिकाकर्ता यावर अली को सुने बिना ही आपत्तिजनक निर्देश जारी किया। इस मामले को आगे विचार के लिए 19 अगस्त 2025 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। जेएनएफ