26 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होंगे 26 ट्यूबवेल, टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू
50 साल पुराने पाइप की वजह से शहर में गहराती है पेयजल किल्लत
75 वार्डों में अतिरिक्त ओवरहेड टैंक का होगा निर्माण, 30 स्टोरेज टैंक भी बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग ने शहर में आगामी गर्मियों से पहले पानी की किल्लत को दूर करने का दावा किया है। इसके तहत शहर में 135 करोड़ रुपये की लागत से पानी के ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। जैसे-जैसे प्रक्रिया पूरी होगी वैसे ही काम शुरू हो जाएंगे।
इसमें 26 करोड़ रुपये की लागत से नए ट्यूबवेल सैनिक कॉलोनी, ग्रेटर कैलाश, बंधुरख, मुट्ठी, जानीपुर, सिद्दड़ा, मझीन, दुर्गा नगर, बाहु फोर्ट, सुंजवां आदि इलाकों में सथापित किए जाएंगे। इससे करीब तीन लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
इसके लिए ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जहां अकसर पानी की किल्लत रहती है। गर्मी के मौसम में निजी टैंकरों के माध्यम से गुजारा करने के लिए मजबूर रहते हैं। यह काम अमृत चरण 2.0 में हो रहा है।
जुलाई 2024 में डीपीआर मंजूर होने के विकास कार्यों के लिए राशि शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी हुई है। प्रोजेक्ट का काम मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुराने शहर सहित अन्य इलाकों में 50 साल पुराने पाइपें हैं, जिस कारण वह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पानी के रिसाव के कारण पेयजल किल्लत गहराती है। कुछ इलाकों में ट्यूबवेल के माध्यम से भी जरूरत के हिसाब से पानी को पूरा नहीं हो रहा है। गर्मी में ट्यूबवेल सूख जाते हैं। मार्च तक काम पूरा हो जाता है, तो गर्मियों में लोगों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पेयजल सुविधा के लिए मिला बजट
2022 में प्रति वार्ड 5-5 लाख रुपये की राशि जारी हुई थी। 2023 में 10-10 लाख मिले थे। इससे वार्डों में कुछ ही हिस्सों में काम हो पाया है। अन्य पर काम होना है। 2024 में अमृत दो चरण में काम के लिए डीपीआर मंजूर हुई है। अब प्रोजेक्टों में काम शुरू हो रहा है।
यह होंगे काम
- 26 नए ट्यूबवेल लगेंगे
- शहर भर में पुराने पाइपों को बदला जाएगा
- फिल्टरेशन प्लांटों की मरम्मत होगी
- 30 पानी स्टोरेज टैंक बनेंगे
- 75 वार्डों में अतिरिक्त ओवरहेड टैंक का निर्माण होगा
शहर में अमृत दो चरण के तहत काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें पानी स्टोरेज टैंक, नए ट्यूबवेल सहित अन्य काम होंगे। काम इसी माह से आरंभ हो जाएंगे। इससे लोगों को लाभ मिलेगा।
- आशीष शर्मा, एक्सइएन, डिविजन दो, जलशक्ति विभाग