अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति के जम्मू कश्मीर दौरे को लेकर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री व अन्य पदाधिकारियों ने गहरी नाराजगी जाहिर की। सभी ने कहा कि समिति के सदस्यों ने जानबूझकर जम्मू को नजरअंदाज किया। संयुक्त बैठक में मौजूद अध्यक्ष अरुण गुप्ता,एफओआईजे के अध्यक्ष वरिंदर जैन ने उद्योगों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा की।
दौरे पर आई स्थायी समिति को लेकर चैंबर अध्यक्ष अरुण गु़प्ता ने कहा कि समिति की अध्यक्षता डोला सेन कर रही थीं और इसमें रेंकुआ चौधरी, यूसुफ पठान, शिव पाल सिंह पटेल, सदानंद शेट तनावड़े मौजूद थे। गुप्ता ने कहा कि प्रसून बनर्जी को कश्मीर घाटी में केवल हमारे समकक्षों की समस्याओं, कठिनाइयों को सुनने के लिए बुलाया गया था लेकिन इन सभी ने जम्मू को लेकर कोई बात नहीं की। जिससे सभी व्यापारियों व अन्य संगठनों के पदाधिकारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि संसदीय स्थायी समितियों द्वारा जम्मू को जानबूझकर नज़रअंदाज़ क्यों किया जा रहा है। समिति कश्मीर का दौरा तभी करना पसंद करती हैं जब अधिकांश विनिर्माण इकाईयां जम्मू में हैं और वे संकट में हैं और बंद होने के कगार पर हैं। उन्होंने मांग की कि संसदीय स्थायी समितियों को स्थानीय उद्योगों की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के लिए जम्मू का भी दौरा करना चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री व सांसद से की मांग,जम्मू का भी समिति से कराएं दौरा
-बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह,सांसद जुगल किशोर शर्मा,राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना से मांग की है कि वह संसदीय स्थायी समिति का जम्मू में भी दौरा कराएं। ताकि जम्मू में उद्योगों के सामने आ रही समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जा सके। इस बैठक में मुख्य रूप से
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री अरुण गुप्ता, एफओआईजे के अध्यक्ष वरिंदर जैन, एफओआईजे के सह अध्यक्ष ललित महाजन, एफओआईजे के सह-अध्यक्ष एससी दत्ता, एफओआईजे के सह अध्यक्ष जतिंदर औल और एफओआईजे के सह अध्यक्ष अजीत बावा मौजूद थे।