स्वच्छ सर्वेक्षण : निगम के पास 150 छोटे-बड़े वाहन, 300 वाहनों की है जरूरत
ऑटो सुविधा नाकाफी, चार सौ की जगह सिर्फ 250 से ही चलाया जा रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नगर निगम की ओर से विशेष अभियान शुरू किए गए हैं, लेकिन वाहनों की कमी भी सफाई व्यवस्था में रैंकिंग सुधार में बाधक है। मौजूदा समय में निगम के पास 150 के करीब छोटे-बड़े वाहन हैं, जबकि 300 के करीब वाहनों की जरूरत है।
स्थिति यह है कि नगर निगम के पास जेसीबी मशीनें 12 के करीब हैं, जबकि 30 से ज्यादा की जरूरत है। बड़े टेंपा 40 हैं। इसी तरह घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए ऑटो सुविधा भी नाकाफी है। मौजूदा समय में 250 ऑटो हैं, जबकि पूरे शहर को कवर करने के लिए 400 की जरूरत है।
डंपिंग साइट की सफाई सुबह 11 बजे तक चलती रही है। पुराने शहर में कुछ डंपिंग साइट में सफाई दोपहर एक बजे तक जारी रहती है। घरों से कचरा उठाने के लिए ऑटो पर्याप्त नहीं हैं। छोटे वार्डों में सुबह तो बड़े वार्डों में दो ही समय सुविधा मिल रही है। दोपहर के समय आने वाले कचरा सीधा सड़कों और नालियों के किनारे फेंका जा रहा है। इससे भी रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा है।
सितंबर 2024 में हटाए गए थे 20 वाहन
नगर निगम ने सितंबर 2024 में 15 साल पूरे कर चुके 20 वाहनों को हटाया था। इनकी जगह किराये के वाहनों से काम चलाया जा रहा है। अभी तक नए वाहन नगर निगम को नहीं मिले हैं।
शहर से रोजाना उठाया जाता है 400 मीट्रिक टन कचरा
वाहनों के माध्यम से शहर से रोजाना 400 मीट्रिक टन कचरा उठाया जाता है। डंपिंग साइट से कचरा कोट भलवाल तक पहुंचाया जाता है। वाहनों के अभाव में कचरा ठिकाने लगाने में परेशानी आती है।
कोट
नगर निगम सफाई का काम करवा रहा है। कंडम वाहनों की जगह किराये पर वाहन हायर किए हैं। नए वाहन भी नगर निगम के बेड़े में जुड़े हैं।
-धर्मवीर सिंह, सीटीओ, नगर निगम