विश्वविद्यालयों में बनेगी रैगिंग रोधी समिति, छात्रों से संवाद कर देगी परामर्श
विश्वविद्यालयों में रैगिंग की समस्य़ा से निपटने के लिए ठोस कदम उठाया गया है। छात्रों को इस समस्या से परेशान न होना पड़े, इसके लिए बीते दिनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव रजनीश जैन की ओर से विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा गया है। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों में रैगिंग रोधी समिति बनाने, छात्रों के साथ लगातार संवाद करने और परामर्श देने के साथ हॉस्टलों का औचक निरीक्षण भी करना होगा।
इसके अलावा पत्र में कहा गया है कि छात्रों के साथ संवाद करने के लिए लगातार काउंसलिंग की जाएगी, ताकि रैगिंग का पता लगाया जा सके। समिति छात्रावास, कैंटीन, आराम या मनोरंजन कक्ष और शौचालयों का भी निरीक्षण करेगी। विवि अनुदान आयोग के अनुसार रैगिंग रोधी समिति, रैगिंग रोधी प्रकोष्ठ का गठन कर मीडिया के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय की सूचना एवं विवरण पुस्तिका में रैगिंग संबंधी चेतावनी का उल्लेख करना होगा। ई पत्रक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। रैगिंग विषय पर कार्यशालाएं, सेमिनार आदि के आयोजन से जागरूकता फैलाई जा सकेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।