जेयूटीए ने बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम और जम्मू कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल-2022 को नामंजूर करने के साथ ही प्रो. चंद्रशेखर की आत्महत्या के मामले के संदर्भ में चलाए जा रहे आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
जम्मू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जेयूटीए) की जनरल बॉडी की बैठक में प्रधान प्रो. पंकज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। इसमें बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम, जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल-2022, प्रो. चंद्रशेखर की आत्महत्या के मामले में विवि के रवैये और प्रोफेसरों के आंदोलन पर चर्चा की।
विज्ञापन
एसोसिएशन के सदस्यों ने बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम और जम्मू कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल-2022 को नामंजूर करने के साथ ही प्रो. चंद्रशेखर की आत्महत्या के मामले के संदर्भ में चलाए जा रहे आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
सदस्यों ने कहा कि टीचिंग पदों पर नियुक्ति का अधिकार पब्लिक सर्विस कमीशन को देना सही नहीं है। यह यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ है। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला है। सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक सामान बिल लाना तो ठीक है, लेकिन नियुक्तियों को लेकर किए गए प्रावधान मंजूर नहीं हैं। विश्वविद्यालयों संबंधी बिल बनाते हुए प्रोफेसरों को विश्वास में नहीं लिया गया।