जम्मू। जम्मू यूनिवर्सिटी की नई फीस संरचना को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो रहा है। फीस वृद्धि के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने परिसर में सद्बुद्धि हवन कर विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि का फैसला वापस लेने की मांग की।
एबीवीपी का कहना है कि नई फीस व्यवस्था से छात्रों और परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। संगठन ने फीस वृद्धि के साथ-साथ उस प्रावधान का भी विरोध किया है जिसके तहत फीस में हर साल 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा सकती है।
प्रदेश सचिव सनक श्रीवत्स ने कहा कि बढ़ी हुई फीस और नए शुल्क को मिलाकर नए छात्रों को पहले की तुलना में करीब 2,000 रुपये तक ज्यादा देने पड़ सकते हैं। सबसे ज्यादा असर मध्यम और कम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा। कई छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो सकता है। परिषद ने ग्रीन सेस, एलुमनाई फीस और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को वापस लेने की मांग की है। विवि इकाई के अध्यक्ष अमित सडोत्रा ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पुराने छात्रों को राहत, सिर्फ नए सत्र से बढ़ेगी फीस
अकादमिक मामलों के डीन प्रोफेसर जेपी सिंह जूरेल ने कहा कि नई फीस संरचना केवल 2026-27 सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। 2025-26 या उससे पहले दाखिला ले चुके छात्रों की फीस में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। किसी भी विभाग में छह फीसदी से ज्यादा फीस वृद्धि नहीं हुई है।
इतनी फीस बढ़ी
स्टेशनरी : 320 से 450 रुपये
पीजी परीक्षा : 1,020 से 1,340 रुपये
स्नातक परीक्षा : 1,020 से 1,290 रुपये
दाखिला : 530 से 580 रुपये
लाइब्रेरी : 260 से 290 रुपये
रीडिंग रूम : 180 से 200 रुपये
सामाजिक गतिविधि : 160 से 180 रुपये
मैगजीन/यूनिवर्सिटी न्यूज बुलेटिन : 160 से 170 रुपये
मेडिकल सहायता : 140 से 150 रुपये
छात्र बीमा : 140 से 150 रुपये
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नई जोड़े गए शुल्क
ग्रीन सेस : 130 रुपये
एलुमनाई फीस : 120 रुपये
सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड : 100 रुपये