घाटी में टॉप कमांडरों समेत 70 से अधिक दहशतगर्दों के मारे जाने से बौखलाए जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा व हिजबुल मुजाहिदीन ने गठजोड़ किया है। यह खुलासा वीरवार को पुलवामा दोहराने की कोशिश में आईईडी लदी कार के बरामद होने के बाद हुई जांच में हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कम होती ताकत के बाद तीनों संगठनों ने हाथ मिलाने का फैसला किया ताकि संयुक्त रूप से सुरक्षा बलों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हाल के दिनों में दक्षिणी कश्मीर में रियाज नायकू समेत कई कमांडर मार गिराए गए। हिजबुल, जैश व लश्कर के आतंकी भी ढेर किए गए। इससे आतंकी संगठनों में जबर्दस्त बौखलाहट है। वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की हर कोशिश कर रहे हैं। इसके तहत सुरक्षा बलों की तैनाती वाले स्थानों पर हमले किए जा रहे हैं।
इनमें बीएसएफ के दो जवान समेत चार जवान शहीद हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि नए संगठन टीआरएफ ने भी अन्य संगठनों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। इस संगठन से अन्य संगठनों को अपने अस्तित्व पर खतरा पैदा नजर आ रही है। इस वजह से भी इन संगठनों ने हाथ मिलाई है।