पाकिस्तानी आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन रहे हैं। हर बड़े हमले में इनका हाथ होता है। जम्मू कश्मीर के भगोड़े आतंकी पीओके और पाकिस्तान में बैठे हैं। ये भगोड़े आतंकी पाकिस्तानी आतंकियों के लिए स्थानीय मदद मुहैया करा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं। हर बड़े आतंकी हमले में विदेशी आतंकी शामिल हैं। इन हमलों को अंजाम देने में स्थानीय स्तर के ओजी वर्कर भी मदद कर रहे हैं।
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पाकिस्तान में बैठे जम्मू कश्मीर के भगोड़े आतंकी विदेशी आतंकियों के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। आतंकी संगठनों के पास स्थानीय कैडर के आतंकी नहीं है। इनके पास हथियार भी नहीं है। इसलिए पाकिस्तान के आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं, जिनके पास आधुनिक हथियार हैं।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जम्मू कश्मीर के पुंछ, राजोरी, रियासी, किश्तवाड़, रामबन, डोडा, कुपवाड़ा, पुलवामा, कुलगाम के 50 से अधिक आतंकी पाकिस्तान में मौजूद हैं। ये आतंकी पिछले पिछले दो दशकों के दौरान समय समय पर पाकिस्तान गए हैं।
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इन आतंकियों के परिवार और रिश्तेदार उक्त जिलों में मौजद हैं। कइयों की पत्नियां और परिवार भी यहीं हैं। आतंकी किसी न किसी तरह से इन लोगों के संपर्क में हैं। जिनके जरिए ये पाकिस्तानी आतंकियों को मदद कर रहे हैं।
सीमा पार से घुसपैठ करने वाले इन आतंकियों के स्थानीय स्तर का ओजी नेटवर्क तैयार करते हैं। अपने संपर्क वालों को इनकी मदद के लिए तैयार करते हैं। इनकी मदद से ही पाकिस्तानी आतंकी हमले कर रहे हैं।
हर बड़े हमले में पाकिस्तानी आतंकी
पुंछ के भाटादुड़ियां, राजोरी के डांगरी, राजोरी के कंडी, पुंछ के भाटादुड़ियां में दूसरी बार के हमले, कठुआ में सैन्य जवानों पर हमले, डोडा में जवानों पर हमले, कश्मीर के कुलगाम में हमले और अब गांदरबल में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। पिछले तीन वर्ष में होने वाले बड़े हमले यहीं हैं। जिसमें बड़े स्तर पर सैन्य जवान और आम नागरिक मारे गए।
किश्तवाड़ के ये आतंकी पीओके, पाकिस्तान में
मंज़ूर अहमद उर्फ ताहिर इंकलाबी, नजीर अहमद उर्फ शाहीन, शब्बीर अहमद उर्फ जुनैद, मुहम्मद इंकलाबी, जमाल दीन नाइक उर्फ मुदसिर, बशीर अहमद उर्फ शौकत, गुलजार अहमद उर्फ जावेद , मुहम्मद शफी उर्फ अमजद, गुलाम नबी वानी उर्फ माजिद आदि पाकिस्तान में हैं।