केंद्र सरकार ने आतंकवाद के लिहाज से संवेदनशील दस जिलों में सेवारत कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कश्मीर में तैनात कर्मचारियों के लिए तीन साल की प्रोत्साहन विस्तार योजना को आगे बढ़ा दिया है। अब घाटी में तैनात केंद्रीय कर्मियों को इस योजना के तहत 31 जुलाई 2027 तक लाभ मिलेंगे।
इससे पहले सितंबर 2022 में भी कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया गया था और इसकी अवधि 31 जुलाई 2024 तक थी। अवधि समाप्त होने के बाद अब केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए फिर से आदेश जारी कर किए हैं। केंद्र ने समयावधि बढ़ाने की सीमा को अगस्त 2024 से गिना है।
योजना के दायरे में ये दस जिले
केंद्र सरकार के इस फैसले का असर भारतीय रेलवे सहित सभी केंद्रीय सरकारी विभागों पर दिखेगा। जम्मू-कश्मीर के दस जिलों में तैनात केंद्रीय कर्मचारियों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा, श्रीनगर, गांदरबल, बांदीपोरा, कुलगाम और शोपियां शामिल हैं।
कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारी पारिवारिक स्थानांतरण सुविधा मिलेगी। इसमें कर्मचारी अपने परिवार को सरकारी खर्च पर देश में अपनी पसंद की किसी भी जगह रखने का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें परिवहन भत्ता और कर्मचारी के अंतिम प्राप्त मूल वेतन के 80 प्रतिशत के बराबर समग्र स्थानांतरण अनुदान शामिल है।
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जो लोग अपने परिवार को दूसरी जगह नहीं भेजना चाहते हैं, उन्हें प्रतिदिन भत्ता मिलेगा। उन्हें हर दिन की उपस्थिति के लिए 113 रुपये का दैनिक भत्ता तय किया गया है। यह व्यय विभाग के शहर यात्रा प्रतिपूर्ति मानदंडों के अनुरूप है।